अवैध सम्बंध छिपाने के लिये मासूम की हत्या

हरिद्वार। जिले में अवैध सम्बंधों के लिये लोग खून से हाथ रंग रहे हैं। कहीं बहू-सास कातिल के रूप में सामने आए हैं तो कहीं बेटे के दोस्त को मौत के घाट उतारा है। जिले के माथे पर लगा अपनों के खून बहाने का दाग नहीं मिट पा रहा है।

इससे पहले भी अपने काले कारनामे छिपाने के लिए एक कथित बहु ने सास की हत्या की थी। वजह चाहे जो भी हो, लेकिन जिले की धरती पर अपनो का खून में परिवार, रिश्तेदारों में जरा भी हिचकिचाहट नहीं है। विगत 23 फरवरी को खुब्बनपुर, भगवानपुर निवासी सरदार सिंह ने अपने 13 वर्षीय बेटे कार्तिक की गुमशुदगी की रिपोट दर्ज कराई थी। जिसकी खोज एएसआई प्रमोद सेमवाल द्वारा की जा रही थी।

जिसका खुुलासा आज दोपहर भगवानपुर थाना परिसर में करते हुये पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि 25 फरवरी को गन्ने के खेत में एक कशोर का शव बरामद हुआ। जिसकी शिनाख्त कार्तिक के रूप में हुई। पुलिस को शक था कि कार्तिक की हत्या कर शव को गन्ने के खेत में फेंका गया है। पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया। जहाँ चिकित्सकों से पता चला कि हत्या गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या की घटना मेें धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने जाँच-पड़ताड़ में पाया कि कार्तिक की गुमशुदगी वाले दिन 19 फरवरी को गांव खुब्बनपुर में दो शादियाँ थी। कार्तिक अपने हम उम्र बच्चों के साथ शादियों में घुड़चड़ी के दौरान बारातियों द्वारा फैंके गये पैसों को उठाता था। पुलिस ने जब शादियों की वीडियो फुटेज खंगाली तो पाया कि कार्तिक दिन की शादी में शामिल दिखा लेकिन रात की शादी में दिखाई नही दिया। कार्तिक के बारे में यह बात सामने आई कि वह किसी भी जान पहचान वाले के साथ पैसे के लालच में आकर पैसे लुटने चला जाता था।

इसी दौरान गांव के एक कैमरे में कार्तिक एक व्यक्ति के साथ गांव से बाहर को जाने वाले मुख्य रास्ते पर जाता दिखाई दिया। पता चला कि यह व्यक्ति एक कंपनी में काम करता है। पुलिस ने माहड़ी चैक केे समीप फैक्ट्री में सत्यापन कर पता लगाया कि व्यक्ति अजय शर्मा गाँव में ही किराए पर रहता है। जिसे पुलिस ने शुक्रवार को अमोरवेट कम्पनी को जाने वाले रास्ते से धर दबोचा।

पुलिस के सख्ती से पूछताछ करने पर अजय शर्मा ने हत्या का पूरा राज खोला। बताया कि वह अपने माता पिता व दो बच्चों के साथ ग्राम खुब्बनपुर में पिछले 6 माह से अपने रिश्तेदार राजीव शर्मा के यहा किराये पर रह रहा है और उसकी पत्नी का देहांत वर्ष 2020 में हो चुका था। वह अपने जानकार के माध्यम से एक औरत को 18 फरवरी को माहड़ी चैक से साथ लेकर ग्राम खुब्बनपुर में गन्ने के खेत में लेकर गया। वहां पर पास में एक खाली प्लाॅट में कार्तिक एक अन्य बच्चे के साथ खेल रहा था। जिसकी बॉल गन्ने के खेत में आ गयी। कार्तिक ने उसे औरत के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। उस समय मैंने कार्तिक को समझाया कि यह बात किसी को नही बताना, परन्तु वह नही माना व वहाँ से भाग गया। मैं कार्तिक को जानता था, वह मेरे बच्चों के साथ गांव में ठेली पर चाऊमिन खाने जाता था। वह घबरा गया कि कार्तिक यह बात उसके बच्चों को न बता देें। अगर उसने यह बात मेरे परिवार वालों या गांव में किसी को बता दी तो समाज में मेरी बहुत बेईज्जती हो जायेगी। जिससे मैं काफी परेशान था।

बेईज्जती से बचने के लिये उसने अपने मन में कार्तिक को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया। कम्पनी से लौटते समय कार्तिक प्राईमरी स्कूल के पास उसे मिला। उसने उसे पैसे का लालच देकर गन्ने के खेत के पास बरसीन के खेत में ले जाकर गला घोंटकर हत्या कर दी। उसे गन्ने के खेत में अन्दर फेक दिया ताकि उसे कोई देख न सके। आरोपी की निशांदेही पर कपड़े, जूते बरामद किए गए।

हत्यारे को पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सूर्यभूषण नेगी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, उपनिरीक्षक शहजाद अली, विनय मोहन द्विवेदी, पुनीत दनोषी, अपर उपनिरीक्षक योगेन्द्र सिंह व बालाराम जोशी, हेड कांस्टेबल विपिन शर्मा व गीतम सिंह, कांस्टेबल संजय नेगी, ललित यादव, मुकेश नोटियाल, उवैद उल्लाह, रविन्द्र राणा शामिल रहे।

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