*इंदौरिया पर जानलेवा हमले में सवा साल बाद एक आरोपी जेल गया , अन्य रसूखदारों की बेचैनी बढ़ी*

हरिद्वार। पर्यावरण की रक्षा अंदर समाज सेवा के कामों में अग्रणी रहने वाले भारतीय चौकीदार हरमीत सिंह इंदौरिया पर करीब सवा साल पहले हुए जानलेवा हमले में शामिल रसूखदार आरोपियों में एक आरोपी के जेल जाने के बाद अन्य आरोपियों की बेचैनी बढ़ गई है।

पीड़ित हरमीत इंदोरिया पर हुए हमले के बाद इलाज के दौरान ली गई फोटो

मामला 31 मई 2021 का है जिसमें विष्णु कॉलोनी निवासी भारतीय चौकीदार हरमीत सिंह इंदौरिया पर कुछ तथाकथित पत्रकारों व उनके साथियों ने जानलेवा हमला कर उसे अधमरा कर दिया था और मरा जानकर गड्ढे में फेंक गए थे ,इंदौरिया का गुनाह इतना था कि वह सेवानिवृत्त अध्यापक योगेंद्र पाल सिंह राठौर से हुई मारपीट का चश्मदीद गवाह था। किसी तरह जिंदा बचकर अस्पताल पहुंचे इंदौरिया ने इस मामले में वंदना गुप्ता, संचित ग्रोवर ,आशु शर्मा आदि के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी ।हालांकि पुलिस ने शुरू में तो उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी परंतु बाद में डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज कर लिया गया ।मामला मारपीट के साथ ही एससी एक्ट का भी था इसलिए इसकी जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी को दी गई जांच में तीन अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे ,इस मामले में आरोपित रसूखदार थे एक वरिष्ठ आईएएस अफसर से भी उनके संबंध थे इसलिए सवा साल बाद भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। लंबी जांच में मामला सही पाया गया इसलिए पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी, न्यायालय से भेजे गए सम्मन के बाद एक आरोपी संचित ग्रोवर ने कल जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की ,न्यायालय ने संचित ग्रोवर की जमानत अर्जी खारिज कर 15 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया अब इस मामले में 15 जुलाई को सुनवाई होगी।
यहां बता दें कि भारतीय चौकीदार हरमीत इंदौरिया समाज सेवा में हमेशा आगे रहते हैं ।उन्होंने अपने दम पर सिंहद्वार क्षेत्र में वृक्षारोपण कर इस क्षेत्र को हरा-भरा बना रखा है इंदौरिया का कहना है कि हमले में शामिल वंदना गुप्ता व अन्य आरोपी रसूखदार हैं इसलिए उसे अभी तक न्याय नहीं मिल पाया परंतु अब उसे देर से ही सही पर न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

 

 

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