उत्तराखण्ड में तमाम फरमानों के बावजूद नाबालिग टू _व्हीलर पर भर रहे फर्राटे

आर. पी. उदास

पुलिस और प्रशासन के तमाम दावों और फरमानों के बावजूद नाबालिगों का टू व्हीलर ओं पर फर्राटे भर ना कम नहीं हो रहा है, जिसके चलते आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाओं और उसमें असामयिक मौत की सूचनाएं आती रहती हैं । इसके लिए एक तरफ जहां पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही की बात सत्य है ,वही अभिभावक और स्कूल के प्रबंधक भी इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।

नाबालिगों द्वारा सड़कों पर टू व्हीलर चलाने ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट वाहन चलाने को लेकर पिछले काफी दिनों से पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी नई नई गाइडलाइन और फरमान जारी करते रहते हैं, संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर इसके लिए अभियान भी चलाया जाता है परंतु हकीकत में यह सभी प्रयास अभी सार्थक नजर नहीं आ रहे हैं । पिछले दिनों पुलिस ने इसके लिए स्कूल कॉलेजों में नोटिस लगाकर स्पष्ट रूप से कहा था कि नाबालिगों का टू व्हीलर चलाना दंडनीय अपराध है ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित नाबालिक के अभिभावकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी स्कूल प्रबंधकों को भी कहा गया था कि वह किसी भी बच्चे को टू व्हीलर से स्कूल ना आने दें परंतु पुलिस के इस फरमान का कोई खास प्रभाव नजर नहीं आ रहा है ,आज भी सड़कों पर सैकड़ों नाबालिग बच्चों को टू व्हीलर पर फर्राटे भरते देखा जा सकता है । तमाम स्कूली बच्चे इन्हीं वाहनों से स्कूल आते जाते हैं सबसे गंभीर बात यह है कि बहुत से बच्चे हेलमेट नहीं लगाते ऊपर से एक ही टू व्हीलर पर तीन-तीन सवार होकर आते जाते हैं

इन बच्चों की रफ ड्राइविंग के कारण यह तो दुर्घटना का शिकार होते ही हैं इनके साथ ही सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालक भी खतरनाक दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। कई बार देखा गया है कि यह बच्चे वाहन चलाते समय स्टंट भी करते हैं । नाबालिगों के टू व्हीलर पर फर्राटे भरने के पीछे जितना पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है वहीं उससे अधिक इनके अभिभावकों का गैर जिम्मेदार रवैया भी इसके लिए दोषी है, लिहाजा प्रशासन जब तक इसके विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठाता यह सब यूं ही चलता रहेगा।

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