नई दिल्ली । देश की प्रमुख बीमा कंपनी एलआईसी की एम्बेडेड वैल्यू में पिछले एक साल में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एलआईसी ने कहा है कि मार्च 2022 तक इसकी भारतीय एम्बेडेड वैल्यू (आईईवी) 5.41 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है कि 31 मार्च 2022 तक एलआईसी की एम्बेडेड वैल्यू 5,41,492 करोड़ रुपए थी, जो मार्च 2021 में मात्र 95,605 करोड़ रुपए थी। वहीं, यह सितंबर 2021 में 5,39,686 करोड़ रुपए पहुंच गई थी। कंपनी की आईईवी मार्च 2021 की तुलना में सितंबर 2021 में कई गुना बढ़ गई। आईईवी में भारी उछाल एलआईसी अधिनियम में बदलाव की वजह से हुए फंड विभाजन के कारण आई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान एलआईसी एक्ट में कुछ जरूरी बदलाव हुए थे।
मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एम्बेडेड वैल्यू एक स्वीकृत सामान्य मूल्यांकन का तरीका है। इसका उपयोग मुख्य रूप से किसी बीमा कंपनी में शेयरहोल्डर्स के हितों की वैल्यू का आकलन करने के लिए जीवन बीमा कंपनियों की तरफ से किया जाता है। इसकी गणना कंपनी की पूंजी और सरप्लस नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) को, कंपनी के भविष्य के लाभों को वर्तमान वैल्यू में जोड़ कर निकाली जाती है। एलआईसी ने कहा कि कंपनी के न्यू बिजनेस की वैल्यू में काफी इजाफा हुआ है। कंपनी के मुताबिक 31 मार्च 2022 तक कंपनी की वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (वीएनबी) 7,619 करोड़ रुपए थी, जो एक साल पहले की अवधि में यह 4,167 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि न्यू बिजनेस मिक्स में बदलाव की वजह से कंपनी के वीएनबी मार्जिन में बदलाव हुआ है। एलआईसी हर 6 महीने में एम्बेडेड वैल्यू की घोषणा करेगी। सितंबर और मार्च तिमाही के रिजल्ट के बाद एम्बेडेड वैल्यू की घोषणा की जाएगी। एलआईसी के शेयर गुरुवार को एनएसई में 712।30 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए, जो पिछले दिन के बंद के मुकाबले क्रमशः 0.91 प्रतिशत कम है।