काशीपुर । यहां पर बहुत सारे हॉस्पिटल बिना लाइसेंस ही चल रहे हैं।जो मरीजों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं । यहां डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन नंबर तो है परंतु अस्पताल चलाने का रजिस्ट्रेशन नंबर किसी के पास भी नहीं है। ऐसे में मरीजों के साथ कुछ होता है तो उनको कोई देखने वाला नहीं है। ना तो पुलिस प्रशासन, और ना ही स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई करता है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो लोगों की जिंदगी कहां तक संभव है। जो रजिस्टर्ड प्राइवेट नर्सिंग होम है उनमें गरीब लोग जा नहीं सकते क्योंकि उनकी फीस इतनी हाई-फाई है कि वह वहन नहीं कर सकते ऐसे में चिकित्सा विभाग क्या कर रहा है। जो राजकीय सरकारी अस्पताल हैं उन्होंने मरीजों को कोई फैसलिटीज नहीं मिलती जिसके कारण मरीज को लेकर उसके तीमारदार प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कर आते हैं। और उनके साथ इस तरह के हादसे हो जाते हैं। अब आप देख सकते हैं इस सहारा मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के सामने जो एक डेड बॉडी रखी है इसके बारे में क्या कहा जाए?
