क्या शिवसेना-भाजपा का दोबारा होगा गठबंधन?

मुंबई । महाराष्ट्र में 10 दिन से चला आ रहा सियासी संकट उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद हल होता नजर जरूर आ रहा है पर इसके बीच नई अटकलों का बाजार गर्म है। दरअसल, शिवसेना पर दावे को लेकर छिड़ी लड़ाई अभी चल रही है। एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बागी विधायकों के गुट ने अभी तक भाजपा से अलग होने और विलय करने या फिर एक नई पार्टी बनाने को लेकर किसी भी इरादे के संकेत नहीं दिए हैं। वे कहते हैं कि वे असली शिवसेना हैं। उनका यह भी कहना है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला समूह अल्पसंख्यक है।
मालूम हो कि शिंदे गुट भाजपा के साथ नए सिरे से गठबंधन पर जोर दे रहा है। ऐसी अटकलें हैं कि वे ठाकरे खेमे के साथ बातचीत करने की कोशिश कर सकते हैं। बागी धड़े के प्रवक्ता विधायक दीपक केसरकर ने बुधवार को कहा कि उद्धव ठाकरे का इस्तीफा हमारे लिए खुशी की बात नहीं है। उन्होंने कहा था कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ पार्टी के गठबंधन से हम खुश नहीं थे। इसकी नतीजा है कि हमने अलग रास्ता अपनाया। उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत की भूमिका को भी रेखांकित किया। पार्टी के कुछ अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, संजय राउत विद्रोही नेता एकनाथ शिंदे को असहज कर दिया था।
शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे आज की बैठक के बाद राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। वहीं, सूत्रों का कहना है कि बीजेपी अभी नई सरकार बनाने का दावा नहीं करेगी। हालांकि, भाजपा नेता गिरीश महाजन ने दावा किया है कि उनके पास 170 से अधिक विधायकों का समर्थन है और अगले तीन दिनों में सरकार बनाएंगे। देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार शाम राज्यपाल से मुलाकात की और अघाड़ी सरकार के अंत का खेल शुरू किया। फडणवीस को महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। महाराष्ट्र भाजपा ने फडणवीस के मराठी में एक भाषण का एक वीडियो क्लिप ट्वीट किया। कैप्शन दिया है “मैं फिर से आऊंगा। एक नए महाराष्ट्र के निर्माण के लिए! जय महाराष्ट्र”। सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे के फडणवीस के डिप्टी होने की संभावना है।

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