…तो क्या हरी सब्जियां भी अब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं !

आर.पी. उदास 

काशीपुर। जिन हरी सब्जियों को खाकर आप अपने शरीर में कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति के सपने देखते हैं अब यही हरी सब्जियां जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही हैं ,इसका मुख्य कारण है कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में रासायनिक खाद और केमिकल का उपयोग होना। इसी वजह से सब्जियों का स्वाद हम मसालों में खोज रहे हैं।

बढ़ती महंगाई और घटते उत्पादन से किसान भी परेशान हैं और वह भी इससे निपटने के तरीके खोजते रहते हैं, यही वजह है कम लागत और कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने की व्यापारिक विधि अब किसान भी अपनाने लगे हैं ।जिसके चलते अब सब्जियां उगाने में रासायनिक खाद और केमिकल का उपयोग बहुतायत में होने लगा है जो आदमी आम आदमी के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहा है ।पता चला है कि कुछ किसान लौकी, तोरई के तने में प्रतिबंधित ऑक्सीटॉसिन का इंजेक्शन प्रयोग करते हैं जिससे छोटी सी लौकी एक ही रात में कई फुट लंबी हो जाती है। इसके अलावा बैगन और भिंडी को बड़ा करने और उसका स्वरूप सुंदर बनाने के लिए नुवान आदि केमिकल का उपयोग भी किया जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सब्जियों में कीटनाशक छिड़काव करने के करीब दो दिन बाद खेतों से तोड़नी चाहिए ताकि सब्जी में केमिकल का असर समाप्त हो जाए और खाने में कोई नुकसान ना हो। वैसे होना तो यह चाहिए कि सब्जियों में हरी खाद व पंजीकृत दुकानों तथा सरकारी गोदामों से ही छिड़काव करने वाली कीटनाशक दवाई खरीदी जाए ताकि उसकी गुणवत्ता भी बनी रहे और जन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर भी ना पड़े। सब्जियों को हानिकारक बनाने में व्यापारी किसानों से भी दो कदम आगे हैं सूत्रों से पता चला है कि पुराने आलू को नया आलू बनाने के लिए व्यापारी आलू को तेजाब मिली बालू में डाल कर रखते हैं जिससे आलू नया होने की शक्ल में आ जाता है।चिकित्सकों का कहना है कि हरी सब्जियों में प्रयोग किया जाने वाला रासायनिक केमिकल स्वास्थ्य पर कुप्रभाव डालता है ,ऐसी सब्जियां मानस पटल के लिए घातक साबित होती हैं ।जिससे लोगों के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की संभावना बन जाती है अन्य कई बीमारियां गंभीर बीमारियां भी लोगों को इससे हो सकती हैं। बाजार में बिक रही केमिकल युक्त सब्जियों की जानकारी रखने वाले तमाम लोग किचन गार्डन में रुचि लेने लगे हैं । जबकि शहरों में जिन लोगों के पास जगह कम है वह अपने मकानों की छतों पर पॉलीथिन के ऊपर मिट्टी डालकर हरी सब्जियां पैदा कर रहे हैं।

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