सौरभ गंगवार
उप संभागीय कार्यालय में काम कराने के लिए दलाल बेखौफ हो चुके हैं कर्मचारियों संघ सांठगांठ कर काम कराने का दावा भी रखते हैं इतना ही नहीं कुछ ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया पर डिजिटल विजिटिंग कार्ड आरटीओ सलाहकार के नाम से शेयर कर लोगों का काम मोटे दाम पर करा रहे हैं इतना ही नहीं खुद को आरटीओ कार्यालय का कर्मचारी बता रहे हैं।
उप संभागीय परिवहन कार्यालय रुद्रपुर में इन दिनों दलाल कुछ ज्यादा ही एक्टिव हो चुके हैं आरटीओ कार्यालय के बाहर गाड़ियों में गेट पर और खिड़की पर काम कराते नजर आते थे लेकिन अब नया तरीका भी शुरू कर दिया है इंटरनेट मीडिया फेसबुक पर एक ग्रुप संचालित है इसमें जिले भर के करीब 80000 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं ग्रुप में डिजिटल विजिटिंग कार्ड सेल किया जा रहा है जिसमें बकायदा आरटीओ सलाहकार लिखा हुआ है।
इसके साथ ही लिखा हुआ है समस्त प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस वाहनों के ट्रांसफर फिटनेस एनओसी परमिट आदि वाहन संबंधित कार्यों के लिए संपर्क सूत्र भी दिया है दिए गए नंबर पर फोन कर ग्राहक सेवा केंद्र का पता पूछने पर स्वयं को एआरटीओ कार्यालय का कर्मचारी बताता है ऐसे ही कई लोग ऐसे भी हैं जो मौके पर डटे रहते हैं विभाग की ओर से इन्हें शहद दिया जाता है जिसके चलते बेखौफ दलाली में लिप्त हैं इससे पहले भी कार में गेट पर और कार्यालय के बाहर कई बार दलालों को देखा जाता है लोगों से काम कराने के एवज में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूलते हैं विभागीय अधिकारियों की उदासीनता कहे या उनकी सह जिसके चलते इनका मनोबल बढ़ता जा रहा है।
इस मामले में संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी का कहना है कि आरटीओ या एआरटीओ की ओर से कोई सलाहकार नहीं रखा गया है और ना ही रखा जाता है ग्राहक सेवा केंद्र से परिवन संबंधित कार्य का सिर्फ ₹30 शुल्क निर्धारित है इस प्रकार यदि कोई व्यक्ति कर रहा है तो संबंधित एआरटीओ मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएंगे