हरिद्वार। पति के ठुकराए जाने के बाद किसी प्रकार से विकलांग बच्ची को पाल रही एक अबला नारी अब अपनी विकलांग बच्ची के इलाज के लिए दर-दर भटक रही है ,परंतु ना ही उसकी बच्ची का ठीक से इलाज हो पा रहा है ,और ना ही कोई सरकारी आर्थिक मदद मिल पा रही है।


सेमल पुर चौक बहादराबाद निवासी मोनिका ने इस संदर्भ में जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है ,जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उचित इलाज के लिए आदेश दिए जाने के बावजूद मोनिका की पुत्री का सही इलाज नहीं हो पा रहा है ।मोनिका ने रोते रोते बताया कि कुछ समय पूर्व उसके पति ने उसे घर से निकाल दिया था ,घरों में झाड़ू पोछा किसी प्रकार वो जीवन यापन कर रही है ।उसकी 6 साल की विकलांग पुत्री लवजीत है वह ऋषि कुल स्थित आचार्य पंडित मुकंदी लाल द्विवेदी आयुर्वेदिक चिकित्सालय जाती है परंतु वहां डॉक्टर उसकी पुत्री के इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहे हैं ,अस्पताल से कुछ दवाएं देकर उसे टरका दिया जाता हैl ना तो उसकी पुत्री की थेरिपी की जाती है और ना ही बाहर से मिलने वाली दवाइयां दी जाती हैं। कभी इस डॉक्टर के पास तो कभी उस डॉक्टर के पास जा जाकर वह थक चुकी है ।जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद विकलांग बच्ची का इलाज ना हो पाना सरकारी दावों की पोल पट्टी खोलने के लिए काफी है। बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि सरकार विकलांगों और असहायों की मदद के लिए कल्याणकारी योजनाओं का ढिंढोरा तो पीटती है परंतु एक असहाय अबला की कोई सुनने को तैयार नहीं है।