दीपा माहेश्वरी
उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों को निहारने और मौज मस्ती के इरादे से आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के आगमन से इस बार उत्तराखंड के पर्यटक स्थल तो गुलजार हैं परंतु इन स्थानों पर बने कुछ रिसोर्ट और होटल स्वामी पैसा कमाने के लालच में पर्यटकों की सही शिनाख्त किए बगैर रूम/ कॉटेज आदि उपलब्ध करवा रहे हैं ,जो की चिंता का विषय है।
पिछले 2 वर्षों से कोरोना महामारी के कारण ठप्प पड़ा पर्यटन कारोबार इस बार पटरी पर आया है, उत्तराखंड के ज्यादातर पर्यटक स्थल इस बार गुलजार नजर आ रहे हैं जो कि अच्छा संकेत है ।इस कारोबार में एक चिंताजनक तथ्य जो सामने आया है वह यह है कि कुछ रिसोर्ट और होटलों में मोटा पैसा कमाने के लालच में रूम लेने वालों की आईडी तो ली जाती है परंतु यह नहीं देखा जाता कि ली गई आईडी सही है या गलत है ।पता चला है कि कुछ रिसोर्ट वाले तो आईडी लेने के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं, ग्रुप में आने वाले लोगों से उनके आपसी संबंध तक नहीं पूछे जाते जिसकी एक बानगी कल रामनगर हादसे में हुई 9 लोगों की मौत के बाद सामने आई ।रामनगर के कार्बेट स्मॉल टाउन एंड रेस्टोरेंट में एक साथ रुके 10 लोगों में तीन युवक पंजाब के थे इनके साथ 6 युवतियां भी थी, एक युवती नोएडा की ,दो दिल्ली की और दो स्थानीय युवतियां थी ।इन्होंने इस रिपोर्ट में घटना से पूर्व 2 दिन तक खूब मौज मस्ती की थी रिसोर्ट वालों ने वहां रुके इन लोगों से आपसी संबंध तक नहीं पूछे, हालांकि हादसे के बाद यह मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने इस रिसोर्ट को सील कर दिया है ।पता चला है कि इस रिसोर्ट का रजिस्ट्रेशन तक नहीं था इसी तरह पैसा कमाने का यह खेल अन्य रिसोर्ट और होटलों में भी चल रहा है जो कि चिंता की बात है ।क्योंकि ऐसे में बाहर से आए अपराधी तत्व भी इस तरह शरण ले सकते हैं, जो कि बाद में पुलिस प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होते है। प्रशासन को अभियान चलाकर इस तरह के रिसोर्ट और होटलों की जांच करनी चाहिए ताकि आने वाली मुसीबत से बचा जा सके।