हरिद्वार। खाकी पर एक बार फिर सवाल खड़े हुये हैं मित्र पुलिस द्वारा पहले गुमशुदगी दर्ज करने में देरी और फिर बरामद शव का बिना शिनाख्त अंमित संस्कार करने पर पुलिस कप्तान का माथा ठनक गया है। पुलिस कप्तान ने मामले में कड़ी आपत्ति जताते हुये जाँच के आदेश दिये हैं। मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को जाँच अधिकारी नियुक्त कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गयी है। जाँच में यदि पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो कईयों पर गाज भी गिर सकती हैं। मामला हरिद्वार जनपद के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर को एक महिला परमजीत कौर अपने पति हरीश चांदना की गुमशुदगी दर्ज कराने गंगनहर कोतवाली में गयी। महिला ने बाकयदा लिखिति रूप से दर्ज कराने के लिय प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन पुलिस ने न गुमशुदगी दर्ज की और न ही मामले को गंभीरता से लिया मामले में 26 अक्टूबर को उस वक्त नया मोड़ आ गया जब इसी मामले में पुलिस ने गुमशुदगी भी दर्ज की और उसी दिन शब भी बरामद हो गया। पुलिस नेे शव की शिनाख्त के लिये उक्त महिला को बुलाया। आरोप है कि पुलिस ने शव के शिनाख्त करे बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस कप्तान ने इसे गंभीरता से लिया है। पुलिस कप्तान का कहना है कि ऐसी घटनाओं से पुलिस की छवि खराब होती है और पुलिस की यह कार्यवाही अमानवीय है। पुलिस कप्तान ने मामले की जाँच के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को जाँच सौपी है। सख्त निर्देष दिये गये है तीन दिन में मामले की जाँंच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।