इंटरनेट ऑफ थिंग्स-आईओटी के क्षेत्र में स्वर्णिम जॉब्स के प्रति जागरूकता के लिए आयोजित ऑनलाइन इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टीसीएस-आईओएन की विशेषज्ञ मिस निशा शेषाद्रि, मिस शत्रुपा भट्टाचार्जी और एफओईसीएस के निदेशक प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया। टीएमयू और टीसीएस-आईओएन के कोलैबोरेशन में चल रहे बीटेक-ईसी (स्पेशलाइजेशन इन आईओटी) के स्टुडेंट्स के लिए यह ऑनलाइन इंडक्शन प्रोग्राम टीसीएस-आईओएन और फ़ैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से संयुक्त रूप से किया गया। टीएमयू के ऑनलाइन इंडक्शन प्रोग्राम में कुल 120 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने किया।
टीसीएस-आईओएन की विशेषज्ञ ट्रेनर मिस निशा शेषाद्रि ने बताया कि टीसीएस-आयन किस प्रकार स्टुडेंट्स को उद्योग-उन्मुख कौशल के क्षेत्र में ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है। उन्होंने बताया, स्टुडेंट्स को अतिरिक्त टीसीएस पोर्टल के लिए एक विशिष्ट लाइसेंस मिलेगा, जिसके जरिए अच्छी नौकरी पाने के लिए इंडस्ट्री असाइन्मेंट को पूरा किया जा सकता है। टीसीएस-आईओएन की विशेषज्ञ ट्रेनर मिस शत्रुपा भट्टाचार्जी ने टीसीएस के लाइसेंस प्राप्त पोर्टल तक पहुंचने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीडर-एसओपी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजाइन थिंकिंग, एम्बेडेड सिस्टम, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे पाठ्यक्रमों के स्किल्ड प्रोफेशनल्स की विश्व में आज सबसे अधिक मांग है। उन्होंने कहा, यह इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोलैबोरेशन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग स्टुडेंट्स के वैश्विक रोजगार के अवसरों को काफी बढ़ावा देगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने कहा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स-आईओटी एक इंटर-डिसीप्लिनरी क्षेत्र है, जो केवल स्मार्ट डिवाइस या कनेक्टेड डिवाइस से कहीं अधिक है। एक आईओटी टेक्नोक्रेट को प्रोग्रामिंग, हार्डवेयर इंटरैक्शन, सेंसर और विभिन्न तकनीकों के साथ काम करने के मूल सिद्धांतों को समझने की जरूरत है।
प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने कहा, इस ऑनलाइन इंडक्शन प्रोग्राम का उद्देश्य स्टूडेंट्स को प्रौद्योगिकी की वर्तमान आवश्यकता और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के भविष्य के रुझानों के बारे में विस्तार से जानकारी देना है। उन्होंने बताया, आईओटी इंडिया सैलरी स्टडी में कहा गया है कि भारत में आईओटी प्रोफेशनल्स की सैलरी आईटी प्रोफेशनल्स की तुलना में लगभग 76 प्रतिशत अधिक है। प्रो. द्विवेदी ने कहा, स्टुडेंट्स को टीसीएस आईओटी की इंडस्ट्री जरूरतों के मुताबिक व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ टीसीएस-आयन में इंटर्नशिप और हाई पैकेज प्लेसमेंट के लिए जॉब असिस्टेंस दिया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के बाद स्टुडेंट्स के पास आईओटी सुरक्षा विशेषज्ञ, आईओटी नेटवर्क इंजीनियर, क्लाउड इंजीनियर, सॉफ़्टवेयर डवलपर, आईओटी सिस्टम ऐडमिनिस्ट्रेटर, वेब डवलपमेंट इंजीनियर, आईओटी एम्बेडेड सिस्टम डिज़ाइनर और आईओटी सॉल्यूशन्स इंजीनियर के अलावा गवर्नमेंट और पब्लिक सेक्टर यूनिट-पीएसयू से जुड़ी आईओटी की बेहतर सेवाएं, बेहतर सुरक्षा, एफिसिएंट ट्रांसिट-कुशल पारगमन, स्मार्टर पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रणनीतिक यातायात प्रबंधन इत्यादि अनेक जॉब पॉर्च्यूनिटीज़ मौजूद हैं।