हरिद्वार। थाना कनखल पुलिस ने फर्जी हस्ताक्षर कर 5 लाख की ठगी का खुलासा किया है। बैंक कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर खाते से 5 लाख की धोखाधड़ी की थी। धोखाधड़ी में पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
थानाध्यक्ष कनखल नितेश शर्मा ने बताया कि रतन सिंह निवासी जमालपुर कलाँ, कनखल ने 1 जून को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके जगजीतपुर स्थित उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के खाते से विगत 25 अप्रैल को 5 लाख रूपये की ठगी की गयी। पीड़ित की ओर से घटना में बैंक से सम्पर्क करने पर पैसे निकाले जाने का विड्राल फार्म दिखाया गया। विड्राल फार्म पर खाताधारक के फर्जी हस्ताक्षर किये गये थे।
पुलिस ने फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधडी से 5 लाख रुपये गबन करने की सूचना पर आरोपियों खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 में मुकदमा पंजीकृत कर खुलासे के लिए टीम गठित की गई। टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद सुराग मिलने पर बैंक में तैनात सन्नी नामक अभियुक्त पर शक जताया।
जिसे पुलिस ने कल मुखबिर की सूचना पर शमशान घाटपुल बैरागी से गिरफ्तार कर लिया उसके बाद घटना में लिप्त उसके अन्य साथियों को देव बिहार जगजीतपुर से धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों में सन्नी कुमार पुत्र विशनदास निवासी मायापुर डामकोठी, मोहित शर्मा उर्फ मोनू पुत्र दिनेशचन्द्र शर्मा निवासी अशोक विहार राजागार्डन, रविन्द्र पुत्र सल्लूराम निवासी ग्राम सरसावा थाना सरसावा जिला सहारनपुर हैं। इनके कब्जे से 4 लाख रुपए भी बरामद किये। पुलिस पूछताछ में बताया कि ठगी का षणयंत्र रच तीनों ने वारदात को अंजाम दिया था। रकम मिलने पर सन्नी ने मोनू को 2 लाख तथा रविन्द्र को 1 लाख रुपए देकर स्वयं 2 लाख रूपये अपने पास रखे गए थे।

पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कनखल नितेश शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अभिनव शर्मा, देवेन्द्र सिहं तोमर, कमलकान्त रतूडी, भजराम चैहान, कांस्टेबल अरविन्द नौटियाल, जितेन्द्र राणा, सतेन्द्र रावत शामिल थे।