मुफ्त राशन के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने इसी राशन के लिए अब बुजुर्गों तक को कड़ी धूप में लाइनों में खड़ा कर दिया है। ऑनलाइन राशन के वितरण के नाम पर राज्य के मैदानी क्षेत्र के लोगों को परेशान किया जा रहा है। जबकि पर्वतीय क्षेत्र में मैनुअल राशन वितरण किया जा रहा है। हालात यह हैं कि लोग कड़ी धूप में भी घंटों लाइनों में खड़े रहते हैं लेकिन राशन विक्रेता कभी साइड न चलने, तो कभी विभागीय आदेशों का पालन कर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। पूछताछ करने पर पता चला कि एक कार्ड चढ़ाने में 15 से 20 मिनट लग रहे हैं उस पर एक और दिक्कत यह सामने आती है कि किसी किसी के अंगूठे का निशान भी मशीन में नहीं आता है पिछले कई दिनों से उपभोक्ता जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बुजुर्ग हैं घंटों कड़ी धूप में लाइनों में खड़े रहते हैं ।कई तो ऐसे भी हैं जिन्हें कई कई दिन से राशन नहीं मिला है ।राशन की कई दुकानों पर यह बात भी प्रकाश में आई है कि कड़ी धूप के कारण लाइनों में खड़े बुजुर्ग और महिलाएं चक्कर खाकर गिर जाते हैं।
विभागीय अधिकारियों ने कैमरे के सामने आने से तो इनकार कर दिया परंतु फोन पर केवल इतना ही फरमाते हैं कि वह ऊपर के शासनादेशों के अधीन है और सरकार के दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं ।इसके अलावा कुछ नहीं कर सकते।
फोन पर हुई बातचीत
आशुतोष भट्ट खाद्य पूर्ति अधिकारी काशीपुर और संवाददाता भूपेंद्र सिंह