रिजॉर्ट के कुक की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, रिजॉर्ट का ही कर्मी निकला हत्यारा

रामनगर (नैनीताल) रिजॉर्ट के कुक गिरीश चंद्र त्रिपाठी की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे में हत्यारोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। हत्यारोपी रिजॉर्ट कर्मी ही निकला। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल दोनों चाकू बरामद कर लिए हैं। शुक्रवार को हत्यारोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कालाढूंगी के पवलगढ़ स्थित बकसेंट रिजॉर्ट के कुक गिरीश चंद्र त्रिपाठी (54) की बुधवार को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। गिरीश का शव रिजॉर्ट के ड्राइवर रूम में मिला था। पुलिस हत्यारोपी की तलाश में जुट गई। पुलिस के अनुसार बुधवार देर रात रिजॉर्ट कर्मी रामनगर के राजपुरा निवासी अमन सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने जुर्म स्वीकार लिया।

मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी हरबंस सिंह ने बताया कि हत्यारोपी अमन रिजॉर्ट के चार कर्मचारियों से परेशान था। उसने बताया कि हर रोज चारों कर्मचारी राजेंद्र डोबाल, सुरेश सनवाल, पुष्कर धामी और मृतक गिरीश चंद्र त्रिपाठी उससे छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करते रहते थे। साथ ही जान से मारने की बात भी कहते थे। एक सीमा तक बर्दाश्त के बाद वह परेशान हो गया तो उसने चारों की हत्या का मन बना लिया था। एसपी सिटी ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल हुए चाकुओं को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

मंगलवार को हत्यारोपी से हुआ था झगड़ा

एसपी सिटी ने बताया कि मंगलवार को रिजॉर्ट परिसर में राजेंद्र डोभाल व मृतक गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने आरोपी से मोबाइल मांगा और मोबाइल रिचार्ज को लेकर दोनों ने उसके साथ झगड़ा किया था। झगड़े के दौरान ही दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। चूंकि राजेंद्र डोभाल शरीर से कमजोर था इसलिए आरोपी ने पहले गिरीश चंद्र त्रिपाठी को मारने का फैसला किया और वारदात को अंजाम देने से पहले उसे सोने का बहाना बनाकर गार्ड रूम से ड्राइवर रूम में ले गया। इसके बाद किचन से चाकू लाकर मार डाला।

बीड़ी पिलाकर सुलाया फिर उतारा मौत के घाट

ड्राइवर रूम में ले जाने के बाद बीड़ी लाने के बहाने आरोपी रसोईघर में पहुंचा और वहां से एक स्टील और एक लोहे का चाकू लेकर लौटा। इसके बाद पहले बीड़ी पिलाई और फिर उसके सोने के पांच मिनट बाद तकिये से मुंह दबाकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। बदहवास हालत में जब गिरीश उठा तो आरोपी ने उसके सिर पर अपने हाथ में पहने कड़े से हमला किया और फिर उसके सिर, गर्दन, हाथ, पेट व पीठ पर लगातार करीब 50 बार चाकू घोंपे। बेरहमी का आलम यह था कि जब तक गिरीश की मौत नहीं हो गई तब तक हत्यारोपी चाकू घोंपता ही रहा।

घायल हाथ देखकर पुलिस को हुआ था आरोपी पर शक

एसपी सिटी ने बताया कि चाकू फिसलने की वजह से हत्यारोपी के हाथों में भी घाव हो गए थे। छानबीन के दौरान पुलिस को हाथों पर निशान देखकर ही शक हो गया था। पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी के बेड के नीचे पड़े पन्नी से लिपटी खून सनी टी-शर्ट और लोवर बरामद कर लिया। इसके अलावा रिजॉर्ट के पिछले गेट के पास पड़े पुराने तंदूर के अंदर रखे कपड़े में लिपटे खून से सने दोनों चाकू भी बरामद कर लिए

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