काशीपुर । आज के दौर में एक ओर जहां तमाम नामी-गिरामी स्कूल शिक्षा के नाम पर अंधाधुंध कमाई करने में जुटे हैं वहीं यहां एक वर्ष पूर्व खोला गया गोकुल इंटरनेशनल स्कूल बच्चों की बुनियाद मजबूत करते हुए उन्हें इस प्रकार से शिक्षित करने का प्रयास कर रहा है कि स्कूल के बाद अभिभावकों को कोचिंग की दोहरी मार नहीं झेलनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार यहां ढकिया गुलाबों में विगत वर्ष से संचालित गोकुल इंटरनेशनल स्कूल बेहतर शिक्षा के लिए इन दिनों चर्चा में है, वर्तमान में इस स्कूल में 200 बच्चे अध्ययनरत हैं जिन्हें शिक्षित करने की जिम्मेदारी 20 प्रशिक्षित टीचरों व अन्य स्टाफ को सौंपी गई है। स्कूल में कंप्यूटर लैब, किंडर गार्डन सहित कई अन्य सुविधाएं हैं स्कूल में प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी नीरज कुमार बेदी को सौंपी गई है।
स्कूल के प्रबंधक सर्वेश कुमार पेशे से अध्यापक हैं एक मुलाकात में सर्वेश कुमार ने हमारे संवाददाता आरपी उदास को बताया कि उनका उद्देश्य शिक्षा के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल बेस पर वह बच्चों की बुनियाद इस प्रकार मजबूत कर रहे हैं कि स्कूल के बाद उन्हें अलग से कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी ।श्री सर्वेश बताते हैं कि छोटे बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं उन्हें जैसा चाहो ढाला जा सकता है ,और हमारा प्रयास उन्हें बेहतर सांचे में ढालने का है ।उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई को लेकर मध्यमवर्गीय अभिभावकों का दम निकल जाता है इसी बात को ध्यान में रखकर हम बच्चों को इस प्रकार शिक्षित कर रहे हैं कि उन्हें अलग से कोचिंग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने स्कूल में मौजूद तमाम सुविधाओं का जिक्र करते हुए बताया की रटने वाली पद्धति से इतर वह बच्चों को लाइब्रेरी और प्रयोगशाला में ले जाकर उनकी योग्यता का आकलन करते हैं और बच्चों में उनकी रुचि भांपते हैं। श्री सर्वेश ने बताया कि आने वाले समय में वह और भी सुधार का प्रयास करेंगे।
