देहरादून। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के स्थायी विकास को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्राथमिकता बनाया है। बीते नवंबर में गैरसैंण दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों संग बैठक कर ढांचागत विकास पर जोर दिया था। इसके बाद से क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सारकोट गांव को गोद लेकर इसे आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा की थी, जिसके तहत सोलर लाइट, मशरूम टनल, डेयरी और मसाला चक्की जैसी योजनाएं शुरू हो गई हैं। किसानों को यूरोपियन वेजिटेबल और मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिकी मजबूत हो रही है।

गैरसैंण को “मशरूम वैली” के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं भराड़ीसैंण में मॉडर्न स्कूल बनाने का काम तेजी से हो रहा है। ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। साथ ही मां भराड़ी देवी का भव्य मंदिर बनाने की योजना भी तैयार हो चुकी है। गैरसैंण में विकास कार्यों को गति देने के लिए रिक्त एसडीएम पद पर तैनाती कर दी गई है। मुख्यमंत्री धामी खुद इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, जिससे गैरसैंण का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।