अपने ही पैसों के लिए दर-दर भटक रहा हूँ – सौरव मिश्रा

हरिद्वार। आज प्रेस क्लब सभागार में सौरभ मिश्रा ने बैंक की हठधर्मिता तथा स्वयं को परेशान किये जाने को लेकर में एक प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में पत्रकारों को सौरव मिश्रा ने एचडीएफसी बैंक ब्रांच शिवालिक नगर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एचडीएफसी बैंक ने उनके पिता की एफडी ट्रांसफर कराने के नाम पर झूठे आश्वासन दिए और अब आठ महीने से उनका पैसा रोके रखा है। पहले उनकी एफडी पीएनबी में थीं, लेकिन पिता की खराब तबीयत के कारण वे बैंकिंग नहीं संभाल सके, तब एचडीएफसी बैंक के मैंनेजर कोमल सिंह ने बेहतर सेवा और रिलेशनशिप मैनेजर की सुविधा का भरोसा दिलाकर एफडी ट्रांसफर करवाईं, जिसके बाद सौरव मिश्रा ने अपने पिता के साथ बैंक में संयुक्त खाता खोला। साथ ही बैंेक ने अरुण कुमार को उनकी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी

सौरव मिश्रा ने आरोप लगाया कि एचडीएफसी बैंक में उनकी पाँच एफडी हुई, चार में उनके पिता के साथ उनका नाम ज्वाइंड था, लेकिन एक में नहीं था। इसे पूरी तरह मिसहैंडल कर दिया। 8 मार्च 2024 को उनके पिता के निधन के बाद जब उन्होंने एफडी क्लेम करना चाहा, तो बैंक ने ब्याज समेत रकम ब्लॉक कर दी। बीते आठ महीने से उनका पैसा अटका है, और बैंक बार-बार नए दस्तावेजों की मांग कर रहा है। उनका भाई, जो एम्स्टर्डम में रहता है, बार-बार भारत बुलाया जा रहा है, लेकिन दस्तावेजों के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही। हर बार नए कागजात, स्टाम्प पेपर और वारिसान सर्टिफिकेट की मांग कर बैंक उन्हें परेशान कर रहा है।

जब उन्होंने रिलेशनशिप मैनेजर अरुण कुमार से संपर्क करने को कहा, तो बताया गया कि वह नौकरी छोड़ चुके हैं, लेकिन चार दिन पहले वह बैंक में अपनी सीट पर बैठे मिले। उन्होंने कहा कि बैंक उनके ही पैसों को रोककर उन्हें परेशान कर रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने सभी ग्राहकों को चेतावनी दी कि बैंक कर्मचारियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और हर दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। मिश्रा ने कहा कि बैंक अधिकारी यदि उनकी एफडी जल्द से जल्द रिलीज नहीं करते तो वह न्यायालय जायेगें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *