आस्था और भाईचारे का संदेश लेकर पहुँची हरीश रावत की चादर

हरिद्वार। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री **हरीश रावत** ने नजीबाबाद कलियर शरीफ के मजार के स्थान पर एक ख़ास चादर भेजी। हरीश रावत के प्रतिनिधि, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष **जगमोहन वालिया** ने यह चादर नजीबाबाद गज्जर साहिब इमामबाड़ा की चौखट पर पेश की। इस दौरान हरीश रावत के OSD सैयद कफ़ील समेत कई कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हरीश रावत की ओर से चादर पेश कर **जगमोहन वालिया** ने अमन और उत्तराखंड की तरक्की की दुआ मांगी। दुआओं में अमन की रौनक, भाईचारा और बेरोज़गारी के साथ इस बार उत्तराखंड में आई आपदा से राहत और लोगों की तरक्की की भी विशेष अरदास की गई।

चादर चढ़ाने के बाद **जगमोहन वालिया** ने कहा कि यह चादर केवल एक रस्म नहीं, बल्कि हरीश रावत का संदेश है कि आस्था सबसे बड़ा मंच है। आज जब समाज में नफ़रत के बीज बोए जा रहे हैं, तो गज्जर साहिब की नजीबाबाद दरगाह हमें याद दिलाती है कि मोहब्बत और भाईचारा ही अमन की असली राह है। साथ ही उत्तराखंड की आपदा से जूझ रहे लोग सुरक्षित रहें, यही हमारी दुआ है।

जगमोहन वालिया ने कहा कि नजीबाबाद-कलियर शरीफ, जिसे गंगा-जमुनी तहज़ीब की सबसे बड़ी फलक माना जाता है, हर साल लाखों लोग अलग-अलग धर्म और समाज से यहां आते हैं। यही वह जगह है, जहां की मिट्टी मोहब्बत और आस्था की खुशबू बिखेरती है।

**नजीबाबाद के श्रद्धालुओं ने भी हरीश रावत की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि जब नेता राजनीति से ऊपर उठकर आस्था की फलक पेश करते हैं, तो समाज में भाईचारा और मजबूती आती है। 

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