हरिद्वार। गंगा में गिरते गंदे पानी, गंगा में उतरकर प्रदूषण फैलाते घोड़े-खच्चरों और गंगा किनारे असामाजिक तत्वों द्वारा डाली जा रही झुग्गी-झोपड़ियों पर रोक लगाने की मांग उठी है। महानगर व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुनील सेठी ने जिला प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की अपील की है।
सुनील सेठी ने जिला अधिकारी हरिद्वार को अवगत कराते हुए कहा कि मां गंगा को जीवित नदी का दर्जा मिला हुआ है, इसके बावजूद उत्तरी हरिद्वार, कनखल क्षेत्र, सिंहद्वार के आसपास सहित कई स्थानों पर गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जा रहा है, जिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा में खनन में लगे घोड़े-खच्चर गंदगी फैलाकर नदी को प्रदूषित कर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है।
सेठी ने हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक कैन, प्लास्टिक चटाई और पन्नी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। उनका कहना है कि घाटों पर खुलेआम प्लास्टिक का उपयोग गंगा प्रदूषण को बढ़ा रहा है।
इस संबंध में जिला उपाध्यक्ष एस.एन. तिवारी और सचिव राकेश सिंह ने बताया कि उत्तरी हरिद्वार से सिंहद्वार तक कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों द्वारा गंगा किनारे झुग्गी-झोपड़ियां डालकर उनमें से गंदगी सीधे गंगा में गिराई जा रही है, जिस पर प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए।
महानगर व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गंगा को किसी भी रूप में प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखा जा सके। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष एस.एन. तिवारी, सचिव राकेश सिंह, लालजी यादव, भूषण लाल अरोड़ा, सुनील मनोचा और मुकेश अग्रवाल मौजूद रहे।