सेंचुरी के खिलाफ आंदोलन में आयोजित महापंचायत में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, सेंचुरी पेपर मिल को दी ये चेतावनी, पढ़े खास रिपोर्ट

अमित अग्रवाल (लालकुआं)

सेंचुरी पेपर मिल द्वारा कई युवाओं को बेरोजगार करने को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन स्थल पर आयोजित महापंचायत में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सेंचुरी पेपर मिल को चेतावनी देते हुए कहा यही धरने पर बैठे युवाओं को रोजगार नहीं दिया गया तो वह सेंचुरी द्वारा उत्पन्न की गई क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाएंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के माध्यम से सेंचुरी प्रबधन के साथ एक समझौता वार्ता भी आयोजित की गई, लेकिन दोनो पक्ष अपनी अपनी बातो मे अड़े रहे और कोई भी समाधान नहीं निकल सका।

साथ ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेंचुरी द्वारा निकाले गए युवा पिछले 28 दिनों से शहीद स्मारक स्थल पर रोजगार की मांग को लेकर धरने पर बैठे है, लेकिन सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल प्रबंधन ने आज तक उक्त युवाओं से बात करने की जहमत नहीं तो नही उठाई, परंतु आंदोलन को तोड़ने के लिए कई तरह की नीतियां अपना चुके है। साथ ही उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुरूप 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को हर हाल में रोजगार देना होगा, और वह इस मामले को जल्द ही विधानसभा में उठाएंगे, और जरूरत पड़ी तो खुद भी सेंचुरी गेट के सामने धरने पर बैठेंगे।

वही, आंदोलन के नेता ग्राम प्रधान शंकर जोशी का कहना है को पिछले 28 दिनों से क्षेत्र के युवा आंदोलन कर रहे है, लेकिन मिल प्रबंधन केवल इस आंदोलन को तोड़ने का प्रयास करती रही है, मिल द्वारा युवाओं को बात सुनने की कोशिश तक नही की जा रही है।

घंटो चली इस महापंचायत के बाद जैसे ही प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में मिल के गेट की ओर बढ़ने लगे तभी मौके पर मौजूद पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनय चौधरी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक डी० आर० वर्मा और तहसीलदार सचिन कुमार ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए कहा कि यदि वह वार्ता करना चाहते है तो पुलिस प्रशासन उनकी मिल के प्रबंधकों से बात वार्ता करा देगी, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य वार्ता के लिए तैयार हो गए, और 7 सदस्यीय शिष्टमंडल नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नित्रत्व में सेंचुरी मिल की ओर रवाना हुए।

सेंचुरी मिल के भीतर एचआर हेड ए० पी० पांडे, महाप्रबंधक एस० के० बाजपेई और नरेश चंद्रा से प्रदर्शनकारियों को वार्ता हुई। लगभग आधा घंटा चली वार्ता किसी भी नतीजे तक नही पहुंच सकी और प्रदर्शनकारियों को बैरंग ही लौटना पड़ा।

वही मिल के जनसंपर्क अधिकारी नरेश चंद्रा का कहना है की मिल प्रबंधन ने किसी भी श्रमिक को ड्यूटी से नही हटाया है, उन्होंने उक्त युवाओं से आंदोलन को समाप्त करने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *