दीपा माहेश्वरी
उत्तराखंड परिवहन निगम की घोर लापरवाही और मनमानी के कारण परिवहन निगम की बसों में सफर करने वाले यात्री उचित सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं, इसके अलावा निगम के अनुबंधित ढाबों और रेस्टोरेंट पर खाने और अन्य सामान के अधिक पैसे लेकर खुलेआम लूट खसोट किए जाने की बात भी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं ,यह यात्री निर्धारित किराया देकर अपना फर्ज निभाते हैं परंतु परिवहन निगम यात्रियों की सुविधाओं को लेकर कतई गंभीर नजर नहीं आता है। लंबे रूटों पर चलने वाली बस चाय नाश्ते और रिलैक्स होने के लिए निगम के अनुबंधित ढाबों पर रूकती हैं, इन ढाबा और रेस्टोरेंट पर पहले तो यात्रियों से खाने पीने की चीजों के निर्धारित मूल्य से डेढ़ गुना तक पैसे वसूल किए जाते हैं , इसके अतिरिक्त इन ढाबों पर रहने वाली गंदगी के कारण यात्री परेशान रहते हैं ।सबसे खास बात यह है कि इन ढाबों पर बने शौचालय इतने गंदे रहते हैं कि यात्री उन में जाना पसंद नहीं करते हैं । विशेषकर महिलाओं को शौचालय जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है , बजबजाती गंदगी के बीच अगर कोई महिला शौचालय चली जाती है तो उसे अवैध रूप से सुविधा शुल्क वसूल किया जाता है । जो नियम विरुद्ध है । नियमानुसार इन ढाबों पर शौचालय और पीने के पानी की सुविधा होना आवश्यक है परंतु पर यह दोनों सुविधाएं देखने को नहीं मिलती। परंतु यात्रियों कि इन सुविधाओं के प्रति निगम का कोई भी अधिकारी कर्मचारी गंभीर नजर नहीं आता है । कई बसों में यात्रियों के लिए फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा तक नहीं होती, यात्रा के दौरान कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसकी जिंदगी भगवान भरोसे होती है।