देहरादून। उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी आज पर्यटकों के लिए बंद कर दी गई है। अब घाटी को पर्यटकों के लिए अगले वर्ष एक जून को खोला जाएगा। फूलों की घाटी के वनक्षेत्राधिकारी गौरव नेगी ने बताया कि इस वर्ष 13,161 देशी और विदेशी सैलानी घाटी के दीदार के लिये पहुँचे।
इस वर्ष भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे बार-बार बंद होने और मौसम के खराब होने के कारण पर्यटकों ने घाटी की ओर कम रुख किया। इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब सात हजार कम सैलानी पहुंचे।
घाटी का सबसे पीक समय जुलाई और अगस्त का होता है। इस दौरान यहाँ सबसे अधिक करीब 300 प्रजाति के फूल खिलते हैं। इसी समय सबसे अधिक पर्यटक घाटी में पहुँचते हैं। यहां मुख्य रूप से ब्रह्मकमल, फेनकमल, ब्लूपॉपी, मारीसियस, मैरीगोल्ड, गोल्डन रॉड, जैस्मिन, रोवन, हेलमेट प्लावर, गोल्डन लीली समेत अनेक किस्म के फूल खिलते हैं। साथ ही यहां दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव हिम तेंदुआ, हिमालयन काला भालू, मोनाल, जंगली बिल्ली, कस्तूरी मृग आदि भी विचरण करते रहते हैं।