चम्पावत उपचुनाव में फस्ट डिवीजन में पास हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धमाकेदार जीत के बाद एक ओर जहाँ उनका और भाजपा का आत्म विश्वास चरम पर है, वहीं दूसरी ओर राज्य की जनता भी उनसे विकास की उम्मीद लगाये हुये है। विधान सभा चुनाव में खटीमा से हार जाने के बाद नीचे आया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आत्मविश्वास अब चम्पावत में धमाकेदार जीत के बाद काफी ऊँचा हुआ होगा। यह बताने की जरूरत नहीं है, भारतीय जनता पार्टी भी धामी की जीत के बाद जश्न में डूबी हुयी है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पुष्कर धामी की पीठ थपथपाये जाने के बाद एक बात तो साफ हो गयी है कि उत्तराखण्ड को अगले पांच वर्षों के लिये स्थाई मुख्यमंत्री मिल चुका है। अब तक पाक-साफ और बेदाग छवि के लिये जाने जाने वाले श्री धामी युवाआंे की भी पसन्द माने जाते हैं, ऐसे में राज्य की जनता भी श्री धामी से काफी उम्मीदें लगाये बैठी है। यूं तो विषम परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड में कई बड़ी समस्यायें हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बेरोजगारी,महंगाई और भ्रष्टाचार इन समस्याओं में प्रमुख हैं, पानी और जवानी के पलायन की समस्या तो एक तरह से स्थाई है ऊर्जा प्रदेश होने के साथ ही पर्यटन की अपार सम्भावनायें होने के बावजूद बड़े ही खेद का विषय है कि उत्तराखण्ड में बेरोजगारी बड़ी समस्या के रूप में है, कमर तोड़ महंगाई तो अब राष्ट्रीय समस्या बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को स्थाई मुख्यमंत्री के रूप में पाने के बाद राज्य की जनता उनसे काफी उम्मीदें लगाये हुये है। धामी की धमाकेदार जीत के बाद एक सवाल जो हवा में तैर रहा है, वह हैं ‘जनता ने भर दी हामी, अब क्या करेंगे पुष्कर सिंह धामी’