हरिद्वार। गुरूवार को जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने श्मशान घाटों का निरीक्षण किया। श्मशान घाटों में लकड़ी की कमी को देखते हुए विद्युत शव दाह गृह स्थापित करने के निर्देश दिए। इसे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से लाभकारी विकल्प बताया।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने गुरूवार की देर शाम खड़खड़ी श्मशान घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि अन्त्येष्ठी के लिए औषतन 135 कुन्तल लकड़ियों की आवश्यकता पड़ती है और बरसात में सूखी लकड़ियां मिलने में बहुत परेशानी होती है। इसके लिये जिलाधिकारी ने खड़खड़ी श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए प्राथमिकता से बजट उपलब्ध कराया जाएगा और अधिकारियों को विद्युत शव दाह गृह संचालन के लिये शीघ्र कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही कनखल स्थित श्मशान घाट में भी विद्युत शवदाह गृह की संभावनाओं के लिए नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्युत शव दाह गृह से लकड़ी की बचत होगी और शव दाह कम समय और कम लागत में पूरे होगें। यह विधि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अनुकूल है । क्योंकि इसमें लकड़ी का उपयोग नहीं होता, जिससे जंगलों की कटाई कम होगी और प्रदूषण भी कम होता है। आधुनिक उपकरणों के उपयोग से शवदाह प्रक्रिया अधिक स्वच्छ और सुरक्षित होती है, और राख कम मात्रा में होती है जिससे इसको संग्रहित और विसर्जित करना आसान होता है। जिलाधिकारी ने इसे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से लाभकारी विकल्प बताया।
निरीक्षण के दौरान सेवा समिति (श्मशान व्यवस्था) के उपाध्यक्ष दुर्गेश पंजवानी, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चैहान सहित सेवा समिति के पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित थे।