हरिद्वार। एएचटीयू टीम ने दो नाबालिक बालिकाओं सहित एक बालक को बाल संरक्षण अभियान के तहत रेस्क्यू किया है। जिनके परिजनों की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक, एएचटीयू टीम के हेड कांस्टेबल राकेश कुमार ने बताया कि 1़6 अगस्त को वह अपनी टीम के साथ हर की पौड़ी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। जहाँ उन्होंने दो बच्चियो को लावारिस हालत में टहलते देखा, जो श्रद्धालुओं से खाने की वस्तु व पैसे मांग रही थी। एएचटीयू पुलिस टीम बच्चियों को रेस्क्यू कर एएचटीयू कार्यालय ले आई, पूछताछ के दौरान उनका नाम अंशिका पुत्री पिंटू दस वर्ष व रेशमबानो छः वर्ष के रूप में हुई। बच्चियां अपने माता-पिता का नाम व पता बताने में असमर्थ थी। पूछताछ के बाद उन्हें मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया। बच्चियों को मात्रांचल सदन भेजा गया है। जिनके परिजनों की तलाश लगातार जारी है।
इसी तरह एएचटीयू पुलिस टीम ने शुक्रवार को हर की पैड़ी क्षेत्र गंगा घाट पर एक बच्चा लावारिस हालत में बैठा मिला। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान अमन पुत्र उमेश निवासी मितलोली तहसील बिसौली चंदौसी (मुरादाबाद) उत्तर प्रदेश के रूप में हुई और बालक ने रोते हुये बताया कि वह दो दिन पहले अपने पिताजी के डांटने पर नाराज हो गया और ट्रेन में बैठकर हरिद्वार आ गया। बच्चे को खुला आश्रय गृह ज्वालापुर में संरक्षण दिलवाया गया है।