पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए संघर्ष करना होगा- मोहित डिमरी

हरिद्वार। यदि हम इस समय अपनी भूमि के लिए नहीं लड़े, तो आने वाले समय में हम अल्पसंख्यक हो जाएंगे, और बाहरी ताकतें हम पर राज करेंगी। हमें अपनी पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए संघर्ष करना होगा। मैदानी हो या पहाड़ी हम सभी को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। यह बात मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने प्रैस क्लब सभागार में आयोजित प्रैसवार्ता के दौरान कही।

इस मौके पर पहाड़ी महासभा के अध्यक्ष तरुण व्यास ने बताया कि मूल निवास भू कानून आन्दोलन इस समय उत्तराखण्ड में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह आन्दोलन उत्तराखण्ड के कई शहरों में चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अब हरिद्वार में 10 नवम्बर को स्वाभिमान महारैली की जायेगी।

इस मौके पर समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि मूल निवास स्वाभिमान आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान जारी है। यह उत्तराखंड के हरेक मूल निवासी का आंदोलन है। आज कुछ लोग पहाड़-मैदान को आपस में बांटने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं।

हमारी लड़ाई उनके खिलाफ है, जो अपने मूल राज्य में मूल निवास प्रमाण पत्र का लाभ ले रहे हैं और उत्तराखंड में स्थाई निवास बनाकर लाभ रहे हैं। जबकि ऐसा करना कानूनन अपराध है। बड़ी संख्या में ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने फर्जी स्थाई निवास बनाए हैं और वे लोग यहां नौकरी कर रहे हैं। पहाड़ के साथ ही मैदान में रहने वाले लोगों का भी हक बाहर के लोग मार रहे हैं।

हमारे संसाधनों पर बाहरी लोग कब्जा कर रहे हैं। नौकरियों से लेकर जल, जंगल, जमीन पर बाहरी लोग कब्जा कर चुके हैं। हमें अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए इस लड़ाई को लड़ना ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *