हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली पुलिस एवं सीआईयू की संयुक्त टीम ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अंतरराज्जीय चोर को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश व हरियाणा से चोरी की गई 13 मोटर साइकिलें बरामद की हैं। आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों को टार्गेट किया करता था। वह ज्वैलर्स डकैती की घटना में भी पूर्व में जेल जा चुका हैं।
मीडिया सेल से जानकारी देते हुए एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने बताया कि विगत 4 नवम्बर को बुड्ढाहेडी पथरी निवासी शकील ने पीठ बाजार, सेक्टर-4 से अपनी मोटर साईकिल चोरी होने के सम्बन्ध में शिकायत दर्ज कराई। शकील की ओर से की गई शिकायत के आधार पर कोतवाली रानीपुर में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोटर साइकिल चोरी की बढ़ती घटना को लेेकर कोतवाली रानीपुर एवं सीआईयू टीम ने चैकिंग अभियान चलाया। बृहस्पतिवार को चैकिंग के दौरान रेग्यूलेटर पुल सुमननगर के पास से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपना नाम विकास कुमार निवासी ग्राम झबरपुर थाना पुरकाजी, मुजफ्फरनगर हाल निवासी गली सुभाषनगर ज्वालापुर बताया। उसके पास से पीठ बाजार से चोरी की गई मोटर साइकिल मिली।
उसने सख्ती से पूछताछ में बताया कि वह 2022 में रानीपुर क्षेत्र के अमन ज्वैलर्स डकैती कांड में जेल जा चुका है। वह अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिये हरिद्वार, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, दिल्ली और हरियाणा से मोटरसाइकिलें चुराता हैै। आगे बताया कि चोरी की बाइकों को न्यू शिवालिक नगर के पास मिलिट्री कैम्प स्थित एक पुरानी बिल्डिंग के पास झाड़ियों में छिपाकर रखता था और बाद में बाइकों को रुड़की ले जाकर बेचने की योजना बना रहा था, पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपी पर चोरी, डकैती और गैंगस्टर एक्ट के कई केस दर्ज हैं।
विकास 11 साल से सिटी क्षेत्र में रह रहा था, वह पांचवी कक्षा तक पढ़ा है, ज्वेलर्स डकैती कांड में गिरफ्तार हुआ था। जहाँ उसकी दोस्ती जेल में बंद कई चोरों से हुई। अपने दोस्तों की डिमांड पूरी करने के लिए मोटरसाइकिलें चोर किया करता था। विकास भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे सेक्टर 4 पीठ बाजार, मेला ग्राउंड, और अस्पतालों के बाहर से खासकर स्प्लेंडर, बजाज प्लेटिना जैसी बाईक चुराता था। चोरी की मोटरसाइकिलें वह 8,000-10,000 रुपये में बेचता था। लोगों की नजर में वह चूड़ी बेचने का काम करता था, ताकि शक न हो। इससे पहले वह कई कंपनियों में काम कर चुका है।
विकास को पकड़ने वाली टीम मंें प्रभारी निरीक्षक रानीपुर कमल मोहन भण्डारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोहर रावत, उपनिरीक्षक विकास रावत, अपर उपनिरीक्षक नन्दकिशोर व सुबोध घिल्डियाल, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र चैधरी, कांस्टेबल दीप गौड, विवेक गुसांई, संजय रावत प्रेम व सीआईयू टीम में निरीक्षक दिग्पाल सिंह कोहली, उपनिरीक्षक ऋतुराज सिंह, हेड कांस्टेबल पदम व कांस्टेबल हरवीर, विवेक, वसीम शामिल रहे।