हरिद्वार। कनखल, जिसे भगवान शिव की ससुराल भी कहा जाता है, जहाँ प्रसिद्ध दरिद्र भंजन और दक्ष मंदिर स्थित है, इन मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन यहाँ के गंगा घाटों पर गंदगी और कचरे के ढेर लगे हैं। यहाँ गंगा जल लेने और पूजा-अर्चना करने आने वाले श्रद्धालु गंदगी देखकर निराश हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा जल के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है, लेकिन घाटों पर गंदगी और कचरे के ढेर लगे रहने से गंगाजल लेने का मन ही नहीं करता। पुजारियों और श्रद्धालुओं ने कई बार प्रशासन से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
माँ गंगा, जिनके प्रति देश-विदेश से श्रद्धालु आस्था लेकर आते हैं, उनकी दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। दीपावली के समय गंगा सफाई अभियान के तहत गंगा जल का प्रवाह रोकने के दौरान भी सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। प्रशासन की लापरवाही से लोग अन्य घाटों पर जाकर गंगाजल भरने को मजबूर हो रहे हैं।
श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि हम यहाँ मां गंगा के दर्शन के लिये आते है, लेकिन हमें सबसे पहले कूड़े के दर्शन करने पड़ते हैं। इससे हमारा मन करता है, कि अच्छा है नल से ही जल भर ले, सफाई नायकों की टीम आती है, देखकर चली जाती है, लेकिन इसकी कोई सुध नहीं ले रहा। यहाँ काफी गंदगी है, इसकी सफाई नहीं कराई गई। सफाई पर नगर निगम को विशेष ध्यान देना चाहिए।