हरिद्वार। पुलिस को 21 साल बाद बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2003 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी अपराधी सूरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था। नगर कोतवाली पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने उसे मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश से धर दबोचा।
मीडिया सेल से मिली जानकारी के अनुसार, 11 मार्च 2003 को कोतवाली नगर में अभियुक्त सूरज सहित चार लोगों के खिलाफ धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी सूरज गिरोह बनाकर टप्पेबाजी और ठगी कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने लगातार जगह और वेशभूषा बदलकर खुद को छुपाए रखा। उसकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल गैंगस्टर जज हरिद्वार ने स्थायी वारंट जारी किया था।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी केवल 5वीं पास है और अपने साथियों के साथ मिलकर टप्पेबाजी करता था। बाद में अपने भाई की मृत्यु के बाद उसने उसकी पत्नी से विवाह कर लिया और तीन बच्चों के साथ दिल्ली चला गया, जहां वह रिक्शा चलाकर अपना जीवनयापन कर रहा था।
आरोपी को गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दीपक ध्यानी, हेड कांस्टेबल सतेंद्र सिंह एवं सीआईयू हरिद्वार टीम के हेड कांस्टेबल विकास मनोज, कांस्टेबल सुनील और विवेक शामिल रहे।