सेवानिवृत्त शिक्षकों की समस्याओं और पर्यावरणीय चुनौतियों पर हुई चर्चा

हरिद्वार। पावन धाम आश्रम में आल इंडिया फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज ऑर्गेनाइजेशन (AIFRUCTO) का एकेडमिक सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 200 सेवानिवृत्त शिक्षक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय-महाविद्यालय पेंशनर्स परिसंघ, उत्तराखंड, देहरादून द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि ख्यातिप्राप्त पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. रवि चोपड़ा रहे, जबकि अध्यक्षता प्रो. एस. एन. सचान, संरक्षक विश्वविद्यालय-महाविद्यालय पेंशनर्स परिसंघ उत्तराखंड ने की।

इस अवसर पर शिक्षक आंदोलन में अतिविशिष्ट योगदान देने वाले प्रो. बी. विजय कुमार, प्रो. अशोक वर्मन, प्रो. एस. एस. चौहान और प्रो. ए. पुल्लैया को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय “पर्यावरणीय चुनौतियाँ और शिक्षण समुदाय की भूमिका” रहा, जिस पर प्रो. रवि चोपड़ा ने सारगर्भित संबोधन दिया।

सेवानिवृत्त शिक्षकों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख रूप से पेंशन का प्रोफेसर ग्रेड के अनुसार निर्धारण, पूरे देश में एक समान पेंशन योजना लागू करने, कम्यूटेड धनराशि की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों के लिए मेडिकल योजना लागू करने, तथा 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5%, 10%, 15% और 20% पेंशन वृद्धि की मांगें शामिल रहीं। इसके अलावा, एडिड कॉलेजों के शिक्षकों को पेंशन देने और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की भी मांग उठी। इन सुझावों को संकलित कर यूजीसी, नई दिल्ली को भेजने का निर्णय लिया गया।

सम्मेलन के सफल आयोजन में प्रो. एस. एन. सचान, प्रो. हरिश्चंद्र, प्रो. अतुल कुमार गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, पावन धाम ट्रस्ट के महासचिव एवं श्री राम नाम विश्व बैंक समिति के अध्यक्ष सुमित तिवारी को विशेष सम्मान स्वरूप शॉल व बुके भेंट कर स्वागत किया गया।

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