हरिद्वार। बिजली कटौती और लचर व्यवस्थाओं को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। महानगर व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुनील सेठी की अध्यक्षता में व्यापारियों ने बैठक कर विद्युत विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली की व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया कि सरकार द्वारा बजट पास और ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाने के बावजूद विद्युत विभाग के कुछ गैर-जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्थाओं में लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
हरिद्वार के यात्री इलाकों में गर्मी के सीजन में लगातार बिजली कटौती की समस्या गहरा रही है। बारिश हो या जरा सा मौसम खराब हो, बिजली विभाग ओवरलोड का बहाना बनाकर आपूर्ति ठप कर देता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरकारी हेल्पलाइन नंबर और उच्च अधिकारियों के फोन भी बंद हो जाते हैं, जिससे आम जनता की परेशानी और बढ़ जाती है।
हरकी पैड़ी, उत्तरी हरिद्वार, भूपतवाला, खड़खड़ी, मायापुर, अपर रोड, बस स्टैंड और बाजारों में बिजली कटौती ने व्यापारियों और यात्रियों की नींद उड़ा दी है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पिछले साल भी इस मुद्दे पर अधिकारियों को अवगत कराया गया था कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की जरूरत है, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
व्यापारी नेता संजय संतोषी ने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही से सरकार की छवि खराब हो रही है। ऑफ-सीजन में भी 5 घंटे तक बिजली गुल हो रही है तो यात्रा सीजन में स्थिति और भयावह हो सकती है। गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, नहीं तो व्यापारी वर्ग और स्थानीय जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।
बैठक में रवि बांगा, भूदेव शर्मा, दीपक शर्मा, महेश बलूनी, एस एन तिवारी, अनिल कोरी, पवन पांडे, रमन कुमार, लक्की अनेजा, हुकुम सिंह, सोनू चैधरी आदि व्यापारी उपस्थित रहे।