मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक में टिहरी झील परियोजना के विकास को गति देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 54.05 करोड़ रुपये की लागत से सीवर नेटवर्क के साथ 5 नए एमएलडी एसटीपी के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 37.11 करोड़ रुपये के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली। इसके अलावा, 1.46 करोड़ रुपये की लागत से महादेव मंदिर और 2.33 करोड़ रुपये की लागत से प्रवेश द्वारों के निर्माण का अनुमोदन किया गया।
मुख्य सचिव ने मदन नेगी रोपवे सब-प्रोजेक्ट के लिए ब्रिडकुल को नोडल एजेंसी नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। साथ ही, परियोजना से जुड़े कार्मिकों के टीए/डीए भत्तों और महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा ग्रामीण जलापूर्ति के लिए सेंटेज चार्ज के आग्रह को वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए। बैठक में सचिव श्री सचिन कुर्वे, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री अभिषेक रूहेला, श्री ललित मोहन रयाल सहित वित्त, पर्यटन और जिलाधिकारी टिहरी मौजूद रहे।