उत्तराखंड की चार धाम यात्रा को लेकर तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के बाद से इस पवित्र यात्रा को लेकर माहौल और भी उत्साहित हो गया है। इस बार यात्रा पिछले साल की तुलना में दस दिन पहले, यानी 30 अप्रैल से शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक समय मिलेगा। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटी हुई है।
प्रधानमंत्री के मुखवा और हर्षिल दौरे से चार धाम यात्रा को नया संबल मिला है। उन्होंने न केवल इस आध्यात्मिक यात्रा की महत्ता को उजागर किया, बल्कि बीते दस वर्षों में यात्रियों की संख्या में हुई अभूतपूर्व वृद्धि को भी देश के सामने रखा। पिछले साल की तुलना में इस बार यात्रा के अधिक दिनों तक चलने की संभावना है, जिससे अधिक श्रद्धालु दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। बीते वर्षों में यात्रा के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों के बावजूद भक्तों की आस्था अडिग रही, और यह संख्या हर साल नया रिकॉर्ड बना रही है।
इस बार यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी, इसके बाद 2 मई को केदारनाथ और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के द्वार भक्तों के लिए खोले जाएंगे। सरकार इस बार यात्रा को और भी सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उत्तराखंड की यात्रा व्यवस्था ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं का विश्वास जीता है, और प्रधानमंत्री के प्रमोशन से यह आध्यात्मिक यात्रा वैश्विक स्तर पर भी चर्चित हो रही है।