देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने 26 करोड़ की लागत से बने दून मेडिकल कॉलेज के नए सभागार का लोकार्पण भी किया। राज्य में 1232 नए नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति से चिकित्सा सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व इस संकट से जूझ रहा था, तब हमारे नर्सिंग स्टाफ ने फ्रंटलाइन वॉरियर बनकर निःस्वार्थ सेवा दी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की देखभाल की और उनके जीवन को बचाने के लिए अथक परिश्रम किया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में अब तक 11 लाख से अधिक मरीजों को 2100 करोड़ रुपये से अधिक के कैशलेस उपचार का लाभ मिल चुका है। सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके ही जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें। राज्य में हेली एंबुलेंस सेवा भी शुरू की गई है, जो आपात स्थिति में जीवन रक्षक साबित हो रही है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर करने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी कड़ी में अब तक 173 असिस्टेंट प्रोफेसर, 56 संकाय सदस्य और 185 तकनीशियन नियुक्त किए जा चुके हैं। इसका नतीजा यह है कि बीते तीन वर्षों में 22 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।
चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि लोगों को उनके घर पर ही बेहतर और किफायती इलाज मिले। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज जल्द ही शुरू होने जा रहे हैं, जिससे न सिर्फ चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मेडिकल कॉलेजों के बेहतर संचालन के लिए सुव्यवस्थित ट्रांसफर पॉलिसी, फैकल्टी को समय पर प्रोन्नति और सीटों के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, संविदा कार्मिकों के मानदेय को संशोधित करने और संविदा में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को समायोजित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।
चिकित्सा सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकार चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा दोनों को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। समय-समय पर चिकित्सकों से लेकर चतुर्थ श्रेणी स्तर तक के कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। जहां भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन की जरूरत होती है, वहां उनकी नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है और भौतिक संसाधनों की आपूर्ति की जा रही है। इस अवसर पर विधायक खजान दास, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन समेत प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य मौजूद रहे।