राजकीय पॉलीटेक्निक प्रधानाचार्य परीक्षा के दौरान धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू

हरिद्वार  । सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने जानकारी दी कि 30 मार्च 2025 को आयोजित होने वाली राजकीय पॉलीटेक्निक प्रधानाचार्य लिखित (वस्तुनिष्ठ प्रकार) परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह परीक्षा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार के परीक्षा भवन (केंद्र कोड 101) में एकल सत्र में पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।

परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की जाएगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी इस आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्र के निकट पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या किसी प्रकार की सार्वजनिक सभा करने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी भी व्यक्ति को ऐसा कार्य करने की अनुमति नहीं होगी जिससे लोक शांति भंग हो या जन भावनाओं को भड़काया जाए।

इसके अलावा, परीक्षा केंद्र के आसपास किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि प्रदूषण की अनुमति नहीं होगी। लाठी, चाकू, तलवार, आग्नेय शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ या ज्वलनशील सामग्री लेकर चलने पर पूर्णत: रोक होगी। परीक्षा केंद्र को बाधित करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, या परीक्षा रद्द करवाने के किसी भी प्रयास को दंडनीय अपराध माना जाएगा।

परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में पाठ्य सामग्री, मोबाइल फोन या पेजर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति परीक्षा परिसर के आसपास आतिशबाजी नहीं कर सकेगा और न ही प्रचार सामग्री जैसे पोस्टर, बैनर या नोट वितरित कर सकेगा।

यह आदेश परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए लागू किया गया है और 30 मार्च 2025 को परीक्षा समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा। इसका उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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