देहरादून। प्रतिष्ठित समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस द्वारा जारी देश की 100 सर्वाधिक ताकतवर हस्तियों की सूची में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी छलांग लगाई है। इस साल वह 32वें स्थान पर काबिज हुए हैं, जबकि पिछले साल वह 61वें स्थान पर थे। यह उछाल उनके प्रभावी नेतृत्व और बड़े फैसलों की वजह से आया है, जिसमें समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना सबसे अहम माना गया है।
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में लागू की गई समान नागरिक संहिता को ऐतिहासिक कदम बताया है। इसे अन्य राज्यों के लिए एक ब्लूप्रिंट की तरह देखा जा रहा है, जिसके चलते गुजरात ने भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इसके अलावा अखबार ने उत्तराखंड में लंबे समय बाद राजनैतिक स्थिरता लौटाने के लिए भी मुख्यमंत्री धामी को श्रेय दिया है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 2017 से 2022 के बीच राज्य में तीन मुख्यमंत्री बदले गए, लेकिन पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्थिरता आई है। इसके साथ ही, उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है।
मुख्यमंत्री धामी की लोकप्रियता का एक और बड़ा कारण चुनावी सफलता भी रही है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है और अब उनकी नजरें 2027 के विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। यही वजह है कि धामी को देश के सबसे युवा और प्रभावशाली नेताओं में शुमार किया गया है। महज 49 वर्ष की उम्र में वह उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
इंडियन एक्सप्रेस हर साल राजनीति, प्रशासन, उद्योग, सिनेमा और खेल जगत से जुड़े प्रभावशाली लोगों की सूची जारी करता है। इस बार की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर, गृह मंत्री अमित शाह दूसरे स्थान पर और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत चौथे स्थान पर हैं। इसके अलावा मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, जय शाह, एनएसए अजित डोभाल, शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद, क्रिकेटर विराट कोहली और रोहित शर्मा, अभिनेता शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, विजय, अल्लू अर्जुन समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता भी इस सूची में शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी तेजी से उभरते हुए बड़े नेता बन रहे हैं।