Lहरिद्वार। महानगर व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुनील सेठी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा है कि स्ट्रीट लाइटों की स्थापना में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि अनावश्यक और कम उपयोग वाले स्थानों पर लाखों की स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं, जबकि जिन इलाकों में प्रकाश की सख्त जरूरत है, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
सेठी ने हरिद्वार नगर आयुक्त और जिला अधिकारी को इस पूरे मामले से अवगत कराते हुए मांग की है कि इस योजना की स्वतंत्र जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायतें मिल रही हैं कि अधिकारियों ने अपने निजी हितों के लिए स्ट्रीट लाइट्स को उन स्थानों पर शिफ्ट करवा दिया है, जहां इनकी आवश्यकता नहीं है – जैसे अपने प्रतिष्ठानों या खास व्यक्तियों के व्यवसायिक स्थलों के सामने।
सेठी ने साफ शब्दों में कहा कि यह जनता के पैसों का सीधा दुरुपयोग है। उन्होंने पूछा कि जब सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो फिर सामान्य नागरिक अंधेरे में क्यों रह जाए? उन्होंने अपील की कि अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरें, और यह देखें कि क्या स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना मानकों के अनुरूप हुई है या नहीं।
इस मुद्दे को लेकर सुनील सेठी के साथ प्रीत कमल, सुनील मनोचा, अनिल कोरी, भूदेव शर्मा, दीपक कुमार, राकेश सिंह, रवि बांगा, एस के सैनी, एस एन तिवारी, सोनू चौधरी, पंकज माटा, महेश कालोनी, राजू जोशी, रमन ठाकुर और सचिन अग्रवाल जैसे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आवाज बुलंद की है।