काशीपुर। कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज किए गए धोखाधड़ी के एक मुकदमे में कोर्ट में लगातार गैर हाजिर रहने पर न्यायालय ने काशीपुर के तत्कालीन आबकारी निरीक्षक महेंद्र बिष्ट के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, मामला वर्ष 2021-22 का बताया गया है ।
मिली जानकारी के अनुसार काशीपुर के तत्कालीन आबकारी निरीक्षक महेंद्र बिष्ट ने अपनी तैनाती के दौरान 31 मार्च 2021 को वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर एक शराब की दुकान का स्टॉक चेक किया तो वहां 50 पेटी माल शेष रहने का सत्यापन किया था। परंतु कोतवाली पुलिस द्वारा मारे गए छापे में काफी मात्रा में शराब की पेटियां बरामद हुई। पुलिस ने जब इस मामले में आबकारी निरीक्षक से जानकारी मांगी तो आबकारी निरीक्षक ने अपने कारनामों पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए पुलिस को गुमराह किया और पुलिस के छापे में बरामद हुई शराब को वैध बताया, जिस पर पुलिस ने आपका आबकारी निरीक्षक महेंद्र बिष्ट के विरुद्ध धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। उप निरीक्षक विजय गुसाईं ने इस मामले में गहन विवेचन की और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। आबकारी निरीक्षक श्री बिष्ट काफी समय से मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे थे। इस पर विगत दिवस विद्वान ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विनीत कुमार श्रीवास्तव ने महेंद्र बिष्ट के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि 23 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार का न्यायालय में पेश किया जाए।
उपरोक्त आबकारी निरीक्षक पिछले करीब दो वर्ष से बाजपुर में तैनात हैं, हालांकि ज्ञात हुआ है कि उनका स्थानांतरण खटीमा में हो चुका है परंतु उन्होंने अभी तक खटीमा में बतौर आबकारी निरीक्षक चार्ज नहीं लिया है और स्थानांतरण के विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर न्यायालय का फैसला आना बाकी है।