हरिद्वार। 13 दिनों तक चली श्रावण कांवड़ यात्रा के सफल समापन के साथ ही आज से हरिद्वार के क्षेत्रों का जनजीवन फिर से सामान्य होने लगा है। हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक अब यातायात व्यवस्था पहले की तरह सुचारु हो गई। 11 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा ने पूरे शहर की रफ्तार को थाम दिया था, लेकिन अब लोगों ने राहत की सांस ली है।
कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो चुके हैं। हरकी पैड़ी, भीमगोडा, सुभाष घाट, और अन्य प्रमुख गंगा घाटों पर डाक कांवड़ और सामान्य कांवड़ियों की भारी भीड़ देखने को मिली। पुलिस और प्रशासन की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 4 करोड़ 52 लाख 90 हजार कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंच चुके हैं और गंगाजल भरकर वापस लौट गए हैं।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने बताया कि यात्रा के दौरान कुल 183 श्रद्धालु गंगा में डूबे, जिनमें से 170 को सकुशल बचा लिया गया, 4 की दुर्भाग्यवश मृत्यु हुई, जबकि 9 श्रद्धालु अभी भी लापता हैं।
एसपी सिटी पंकज गैरोला ने जानकारी दी कि गुरुवार से सभी अस्थायी यातायात प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और आमजन अब पहले की तरह हर मार्ग से निर्बाध आवाजाही कर सकेंगे।