हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जिला के सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं और किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
रुड़की से संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक सेठ ने बताया कि उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंगलौर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मातृ एवं नवजात शिशु केन्द्र, आपातकालीन सेवा, फार्मा स्टॉक, प्रसव केंद्र और दवा वितरण केंद्र का जायजा लिया गया। निरीक्षण में पाया गया कि दंत चिकित्सक ने दो दिन पूर्व ही उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर किए थे। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सफाई कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई।
उप जिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अस्पताल में केवल एक नर्सिंग अधिकारी और एक सफाई कर्मचारी मौजूद थे, बाकी स्टाफ और डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। अस्पताल में मौजूद एंबुलेंस खराब हालत में थी और साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। वहीं, तीन भर्ती मरीज डिलीवरी के मामले थे।
भगवानपुर के उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने अपने क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में बेहतर साफ-सफाई के निर्देश दिए और मरीजों व तामीरदारों के लिए स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए।
नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने मेला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में उपस्थित डॉक्टरों और स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त रहें।
तहसीलदार लक्सर प्रताप सिंह चौहान ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्सर का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और तामीरदारों से बातचीत कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। सभी ने अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के समय पर उपलब्ध होने पर संतोष व्यक्त किया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समय-समय पर स्वास्थ्य केंद्रों में निरीक्षण जारी रहे और मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।