रामनगर (नैनीताल)। एक महीने पहले सावल्दे पश्चिम गांव में भूपाल उर्फ रोहित ठाकुर की गला काटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने परिवार के चार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पुलिस ने मृतक के भाई और पिता को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। मृतक की मां और बहन को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने बताया कि 13 जून को सावल्दे पश्चिम गांव निवासी भूपाल सिंह बिष्ट उर्फ रोहित ठाकुर पुत्र मोहन सिंह बिष्ट को उसके परिजनों ने मृत अवस्था में रामनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच की गई तो मृतक की गला काटकर हत्या करना प्रतीत हुआ।
मृतक के परिजनों की ओर से कोई तहरीर या अन्य कोई सूचना थाना पुलिस को प्राप्त नहीं हुई। जांच शुरू की गई तो प्रथमदृष्टया घटना में परिजनों की संलिप्तता सामने आई।
एसआई बीसी मासीवाल की ओर से 302/201 के तहत पिता मोहन सिंह, भाई दीपक बिष्ट, मां राधा देवी और बहन किरन के खिलाफ मुकदमा किया गया। रविवार को हत्यारोपी पिता मोहन सिंह और भाई दीपक बिष्ट भागने की फिराक में थे। दोनों को पुलिस ने उनके घर के बाहर पकड़कर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीओ के अनुसार जल्द नामजद मां और बहन को भी पुलिस गिरफ्तार करेगी।
नशे का आदी था भूपाल, नशामुक्ति केंद्र भी भेजा
सीओ ने बताया कि मोहन सिंह के तीन बच्चे हैं जिनमें सबसे बड़ा भूपाल उर्फ रोहित ठाकुर, दूसरे नंबर का दीपक बिष्ट और तीसरे नंबर की बेटी किरन बिष्ट है। घर में भूपाल के ताऊ आनंद सिंह का परिवार भी साथ ही रहता है। दीपक राधे हरि डिग्री कॉलेज में काशीपुर में संविदा अनुसेवक है और कॉलेज कैंपस में ही रहता है। रोहित घर के बगल में ही परचून और सब्जी की दुकान चलाता था। सीओ ने बताया कि तीन साल से रोहित स्मैक का आदी हो गया था। अक्सर घर से पैसे की डिमांड करता था। पैसे न देने पर घर वालों से गालीगलौज और मारपीट करता था। भोपाल सिंह इस कदर नशे की गिरफ्त में आ चुका था कि उसे अच्छा-बुरा कुछ समझ में नहीं आता था। उसके घर वालों ने कई बार उसे नशामुक्ति केंद्र भेजा था। नशामुक्ति केंद्र से आने के बाद कुछ दिन ठीक रहता था, फिर नशा करने लग जाता था।
दो दिन पहले भूपाल ने ताऊ का अंगूठा काटा था
कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि 11 जून को भूपाल सिंह ने घर में झगड़ा किया और अपने ताऊ आनंद सिंह को पीटकर अंगूठा काट दिया था जिससे उनके 5-6 टांके आए थे।
पिता मोहन सिंह ने थाना रामनगर में भूपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। जब घटना की जानकारी युवक की बहन किरन ने अपने दूसरे भाई दीपक बिष्ट को दी तो वह 12 जून को काशीपुर से सुबह आठ बजे घर पहुंचा। घर आते ही भूपाल सिंह ने दीपक बिष्ट से झगड़ा किया और उसे पीटकर बाजार की ओर चला गया।
घटना वाली रात घर में किया था झगड़ा
13 जून की रात 10 बजे भूपाल सिंह उर्फ रोहित ठाकुर घर आया और लड़ाई झगड़ा, मारपीट करने लगा। कोतवाल सैनी के मुताबिक रोहित कहने लगा कि तुमने मेरी रिपोर्ट कराई हैं मैं तुम सबको देख लूंगा। भूपाल सिंह ने मां, बहन, पिता, ताऊ और भाई दीपक को भी पीटा। इसी बीच पिता मोहन सिंह ने सभी को भूपाल सिंह को जान से मारने को कहा। उसके बाद मोहन सिंह, बहन किरन, मां राधा देवी, भाई दीपक ने भूपाल सिंह के गले पर सब्जी काटने वाले चाकू से दो वार किए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद सबने मिलकर लाश घर से बाहर सड़क पर फेंक दी। फंसने के डर से पिता ने 108 एंबुलेंस को फोन किया और लाश को अस्पताल लेकर गए। इसके बाद शव सीएचसी रामनगर की मोर्चरी में रखवा दिया और दीपक को घर से भगा दिया। फिर दीपक अगले दिन पुन: काशीपुर से घर वापस आया।