हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में टॉप 10 स्थान प्राप्त करने वाले 75 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य और व्यावहारिकता भी शामिल हो। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राज्य सरकार की पहल, जैसे स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, वर्चुअल कक्षाएं और 5-पीएम ई-विद्या चैनल, का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को आधुनिक और गुणवत्ता-युक्त शिक्षा मिल रही है।
धामी ने बताया कि कक्षा 1 से 12 तक सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति, और 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण की सुविधा दी जा रही है। साथ ही सार्वजनिक सेवा परीक्षा में सफलता पाने वाले अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपए की मदद भी दी जा रही है।
उन्होंने नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने और पेपर लीक रोकने के लिए राज्य में सबसे सख्त कानून लागू होने का भी उल्लेख किया और कहा कि एक-एक नकल माफिया को गिरफ्तार कर सजा दिलाई जाएगी।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस साल बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्रों की संख्या में 18 प्रतिशत वृद्धि हुई है और अंक सुधार परीक्षा से छात्रों पर दबाव कम हुआ है।