हरिद्वार। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत नगर निगम हरिद्वार ने एक और सराहनीय पहल करते हुए आर्य नगर के पुराने मजार कूड़ा पॉइंट को पूरी तरह बदल दिया है। जो स्थान वर्षों से शहरवासियों के लिए बदबू और गंदगी का प्रतीक बना हुआ था, अब वही जगह आकर्षक सेल्फी प्वाइंट के रूप में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
नगर निगम की इस पहल की अगुवाई मेयर किरण जैसल और वार्ड पार्षद सपना शर्मा ने की। इस अवसर पर सहायक नगर आयुक्त, निगम कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय वार्डवासी भी मौजूद रहे। मेयर और पार्षद ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों से निकलने वाले कचरे का स्रोत-स्तरीय वर्गीकरण करें और उसका निस्तारण केवल नगर निगम की अधिकृत गाड़ियों के माध्यम से ही करें।
आर्य नगर में बने नए सेल्फी प्वाइंट पर रंग-बिरंगी पेंटिंग्स, पौधारोपण और स्वच्छता संदेशों ने इस क्षेत्र की पहचान ही बदल दी है। जहां कभी कूड़े के ढेर और दुर्गंध से लोग परेशान रहते थे, वहीं अब स्वच्छ और सुंदर स्थल लोगों को आकर्षित कर रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस परिवर्तन को न केवल सौंदर्यीकरण बल्कि जनजागरूकता का प्रतीक बताते हुए नगर निगम के प्रयासों की सराहना की है।
हालांकि, इस सराहनीय पहल के बीच एक छोटी सी गलती ने पूरे अभियान की चमक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, जिस सेल्फी प्वाइंट के पास महापौर और पार्षद ने गर्व से फोटो खिंचवाई थी, वहीं लगाए गए बोर्ड पर पार्षद के पदनाम में गंभीर वर्तनी त्रुटि पाई गई। इस गलती ने अब चर्चा का नया विषय छेड़ दिया है।
लोगों का कहना है कि जो जनप्रतिनिधि अपने पदनाम तक को सही नहीं लिखवा पा रहे, उनकी शैक्षणिक योग्यता और जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में यह घटना इस कहावत को फिर साबित करती है—
“जननायक सिर्फ लोकप्रिय नहीं, पढ़ा-लिखा भी होना चाहिए।”