अमित अग्रवाल
संवाददाता
नैनीताल। जिले के पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में कहीं चिकित्सकों तो कही संसाधनों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर प्रसव की सुुविधा नहीं मिलती है। सरकारी अस्पतालों से गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर के नाम पर हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले के सभी सीएचसी में प्रसव की सुविधा उपलब्ध है।
जिले के ओखलकांडा ब्लाक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जिससे कि वहां गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराया जा सके। इसी तरह सीएचसी बेतालघाट व सुयालबाड़ी में गर्भवती महिलाओं की न तो जांच की सुविधा उपलब्ध है और न ही यहां प्रसव कराए जाते हैं। इन स्थानों के सरकारी अस्पतालों से अधिकांश गर्भवती महिलाओं को आपातकालीन वाहन 108 के माध्यम से हल्द्वानी को रेफर कर दिया जाता है। सीएचसी गरमपानी से भी अधिकांश गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए हल्द्वानी भेजा जाता है। जबकि सीएचसी भवाली में स्थानीय स्तर पर ही गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराए जाते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में महिला चिकित्सकों की कमी व अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने के कारण गर्भवती महिलाओं के प्रसव नहीं कराए जाते हैं।