
रुद्रपुर/काशीपुर। दीपावली का जश्न पूरे उत्तराखंड में पूरी श्रद्धा और हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। दीपावली पर इस बार उत्तराखंड में करीब सौ करोड़ रुपए के पटाखे फोड़ डाले गए ।दीपावली पर ऊधम सिंह नगर सहित विभिन्न जिलों में शहर और ग्रामीण अंचलों का नजारा कुछ अलग ही था।लोगों ने सोमवार रात घरों,मंदिरों और दुकानों में मां लक्ष्मी-गणेश की पूजा की।फिर क्या था, लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। हर कोई इस पल का आनंद लेते दिखा।आसमान में रंग-बिरंगी फुलझडियां और पटाखे छाए रहे।महंगे पटाखे फोड़े गए।
दीपावली की खुशी में लोग त्योहार पर विभिन्न चीजों की खरीदारी करते हैं तो पटाखा भी खरीदने में क्यों पीछे रहे। दिल्ली में पटाखों पर रोक है।दिल्ली का एक परिवार तीन साल से गदरपुर के एक पटाखा कारोबारी के यहां से पटाखा खरीदकर ले जाता है। पिछले दोनों बार पटाखा फोड़ने पर पांच पांच हजार का जुर्माना भी लगा था तो भी इस बार दीवाली पर पटाखा खरीदने गदरपुर आया था।जब पटाखा विक्रेता ने पूछा कि पिछले दोनों बार पटाखा फोड़ने पर जुर्माना लग चुका है तो पटाखा क्यों खरीदने आए हैं।इस पर दिल्ली के युवक ने कहा कि दीपावली हमारा खुशियों का पर्व है।यह हमारी संस्कृति है।बुजुर्गों ने भारतीय संस्कृति को सिखाया है तो इसे अपने बच्चों को भी सीखाते रहेंगे।भले ही 50 हजार का जुर्माना लग जाए,कोई फर्क नहीं पड़ता है, आतिशबाजी जरूर करेंगे।युवक ने करीब पांच हजार रुपये का पटाखा खरीदा। उत्तराखंड व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष और पटाखे का थोक विक्रेता अशोक छाबड़ा का कहना था कि वह उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पटाखे थोक में बेचते हैं।उत्तराखंड में इस बार करीब सौ करोड़ रुपये के पटाखे दिवाली पर बेचे गए हैं।जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 25 प्रतिशत अधिक बिक्री हुई है। हालांकि करीब 25 प्रतिशत पटाखों के रेट भी बढ़ गए हैं।बताया कि लोग महंगे पटाखे ज्यादा खरीदे हैं।सबसे महंगा सिंगल पटाखा बम 16 हजार रुपये में बेचा गया।लोगों ने कहना है कि दीपावली के इस पावन पर्व पर आतिशबाजी करना एक परंपरा है, जो हमें खुशियों और रोशनी के महत्व को याद दिलाती है। इस बार जीएसटी कम होने से लोग ज्यादा खर्च किए हैं।


