हरिद्वार। कोतवाली गंगनहर थाना क्षेत्र के सुनहरा इलाके से तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामले का पुलिस ने सफल खुलासा कर लिया है। पुलिस ने तीनों बालिकाओं को मथुरा रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कोतवाली गंगनहर परिसर में किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को गंगनहर क्षेत्र में निवासरत एक महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी 12 और 14 वर्षीय बेटियां तथा उनकी एक सहेली सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने काफी तलाश की, पर जब कोई सुराग नहीं मिला तो कोतवाली गंगनहर में धारा 137(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। टीम ने शिक्षिकाओं, सहेलियों और परिचितों से पूछताछ करने के साथ-साथ मैनुअल पुलिसिंग और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया। लगातार की गई मेहनत के बाद पुलिस टीम ने शनिवार को तीनों गुमशुदा बालिकाओं को मथुरा रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में बालिकाओं ने बताया कि घर में माता-पिता के बीच झगड़े और डांट-फटकार से परेशान होकर वे घर छोड़कर निकल गई थीं। एक बालिका ने बताया कि उसे सुबह देर से उठने पर अक्सर डांट पड़ती थी, जिससे नाराज होकर वे लगभग 500 रुपये लेकर घर से निकल गईं। तीनों पहले रिक्शे से रूड़की बस अड्डा, फिर हरिद्वार बस अड्डा और उसके बाद दिल्ली होते हुए ट्रेन से मथुरा पहुंच गईं। पैसे खत्म हो जाने पर वे मथुरा रेलवे स्टेशन पर ही बैठी थीं, जहां पुलिस ने उन्हें बरामद किया।
इस सफल बरामदगी में सीओ रूड़की नरेंद्र पंत, प्रभारी निरीक्षक गंगनहर मनोहर भंडारी, प्रभारी निरीक्षक सीआईयू प्रदीप बिष्ट, उप निरीक्षक दीप कुमार, प्रवीण बिष्ट, अपर उप निरीक्षक कान्ता प्रसाद, हेड कांस्टेबल चमन, चालक लाल सिंह, कांस्टेबल पवन सिंह, हंसराज, प्रभाकर, रणवीर, प्रीतम, मनमोहन भंडारी, महिपाल और राहुल नेगी शामिल रहे।