शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश
आर.पी. उदास
देहरादून । समाज को शिक्षित कर सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी संभालने वाले शिक्षा विभाग ने एक अजब कारनामा कर दिखाया , विभागीय अधिकारियों ने चार साल पूर्व मरे शिक्षक का तबादला कर दिया ।सोशल मीडिया पर हुई छीछालेदार के बाद शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है ,उन्होंने इस कृत्य को विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
मामला रुद्रप्रयाग जनपद के प्राथमिक शिक्षा विभाग का है यहां वार्षिक स्थानांतरण 2022 _23 के तहत एक मृतक शिक्षक का तबादला कर दिया गया। बताया गया है कि जिस शिक्षक का तबादला किया गया है उसकी 4 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है । इस मामले में सूबे के शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने सोशल मीडिया में वायरल खबरों का संज्ञान लेते हुए इसे प्रथम दृष्टया विभागीय अधिकारियों की अपने कार्यों के प्रति घोर लापरवाही बताया है ।डॉ रावत ने इस मामले में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी को तत्काल विभागीय जांच समिति गठित कर 3 दिन के भीतर जांच करने के साथ ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने बताया कि मृतक शिक्षक की मौत के 4 साल बाद तबादला किया जाना जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है जो कि बर्दाश्त किए जाने योग्य नहीं हैं उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी उन्होंने स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए हैं।