देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ननूरखेड़ा स्थित प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के प्रतीक पीआरडी जवानों की सुविधाओं और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि पीआरडी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान चिकित्सालय में भर्ती होने की स्थिति में अब पीआरडी जवानों को उपचार अवधि में भी ड्यूटी पर माना जाएगा और छह माह तक मानदेय दिया जाएगा। साथ ही ग्राम अस्थल रायपुर में खेल मैदान के निर्माण की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिवंगत पीआरडी स्वयंसेवकों के आश्रितों को सहायता राशि और जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति के चेक भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय पीआरडी जवानों को मात्र 65 रुपये प्रतिदिन भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर 650 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। मृत एवं घायल जवानों के आश्रितों को 70 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जबकि 10 वर्ष सेवा के बाद सेवानिवृत्त जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता दिया जा रहा है। साम्प्रदायिक दंगों व अति-संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि में भी बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की गई है। प्राकृतिक आपदा के नुकसान पर अधिकतम 50 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान भी जवानों के लिए किया गया है। वर्ष 2023 से मृत एवं अपंग जवानों के आश्रितों को पीआरडी में पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें अब तक 190 में से 133 आश्रितों को रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है। इस माह 149 पंजीकृत आश्रितों को अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में अधिक दक्षता से सेवाएँ दे सकें। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक उमेश शर्मा काऊ और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।