हरिद्वार। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन हरिद्वार ने शहर में बढ़ती यातायात अव्यवस्था और ई-रिक्शाओं से हो रही परेशानियों को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि ई-रिक्शाएं शहर में जाम और दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती जा रही हैं, वहीं बड़ी संख्या में अवैध ई-रिक्शा भी सड़कों पर संचालित हो रहे हैं।
संगठन ने बताया कि अपर परिवहन आयुक्त ए.के. सिंह द्वारा सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के माध्यम से जीसीसी मॉडल पर देहरादून, हल्द्वानी और हरिद्वार में सीएनजी बसों के संचालन की योजना सराहनीय है। संगठन ने इस पहल का स्वागत किया है।
वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि प्रशासन द्वारा ई-रिक्शाओं के सत्यापन, रूट निर्धारण और नंबरिंग की घोषणा की गई थी, लेकिन यह योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है, जिससे जनता को किराये की लूट और जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
संगठन ने पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत हरिद्वार को मिलने वाली 50 ई-बसों का शीघ्र संचालन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है, ऐसे में सिटी बसों के संचालन से ई-रिक्शा और थ्री-व्हीलर की समस्याओं से जनता को राहत मिलेगी।